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भोपाल / महाराष्ट्र के घटनाक्रम के बाद कमलनाथ का ट्वीट- सत्य और प्रजातंत्र की जीत हुई


भोपाल. महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद राजभवन में आयोजित संविधान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अदालत की अहमियत बताई। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल लालजी टंडन की मौजूदगी में महाराष्ट्र का उल्लेख किए बिना वहां के राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा, “पिछले तीन दिनों से क्या चल रहा है, यह सभी देख रहे हैं। प्रजातंत्र में अब लोगों का अदालत के प्रति ज्यादा भरोसा बढ़ा है और वे अदालत की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।”
शाम को जब महाराष्ट्र में एनसीपी के अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद से और बाद में भाजपा के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया तो सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर इसे सत्य और लोकतंत्र की जीत बताई। उन्होंने लिखा, “आखिरकार न्याय की जीत हुई। सत्य और लोकतंत्र की जीत सुनिश्चित हुई है। संविधान दिवस पर आज महाराष्ट्र मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य है। लोकतंत्र का मखौल उड़ाने की कोशिश आख़िर नाकामयाब साबित हुई। सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों-कर्मचारियों को वाचन कराया
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को मंत्रालय में संविधान दिवस पर सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन करवाया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री कमलनाथ ने 26 नवम्बर 1949 को लागू भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। ‘हम, भारत के लोग, भारत को एक (संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य) बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और (राष्ट्र की एकता और अखंडता) सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सत्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।’