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प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में ढाई घंटे में दो बार माफी मांगी, राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

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नई दिल्ली से पवन कुमार. भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में दो बार माफी मांगी। संसद में दोपहर 12:30 बजे प्रज्ञा के पहली बार माफी मांगने के बाद विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया था। इसके बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। फिर लोकसभा में प्रज्ञा ने 2:55 बजे दूसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘‘27 नवंबर को संसद में मैंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा था। मैंने उसका नाम तक नहीं लिया था।’’ बाद में उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस भी दिया।
सदन का घटनाक्रम
लोकसभा में सुबह से ही विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर हमलावर रुख अपना लिया था। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि संसद में महात्मा गांधी के खिलाफ घटिया बयान दिया गया। सदन के अंदर गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का पूजन हो रहा है। गांधी सिर्फ हमारे नहीं, पूरी दुनिया के पिता हैं, लेकिन उन्हीं के हत्यारे की यहां सराहना होती है। यह सदन कि गरिमा के खिलाफ है और विपक्ष चुप नहीं बैठ सकता।
पहली बार माफी मांगते हुए प्रज्ञा ने कहा कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। यह निंदनीय है। मैं महात्मा गांधी और देशहित में उनके कार्यों का सम्मान करती हूं। एक सांसद ने मुझे आतंकवादी कहा, जबकि मेरे खिलाफ कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। एक महिला के नाते यह अपमानजनक है। अगर मेरे बयानों से किसी को ठेस पहुंची है तो खेद प्रकट करते हुए माफी मांगती हूं। मैं राजनीतिक साजिश का शिकार रही हूं। मुझे शारीरिक-मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
कांग्रेस सांसदों ने प्रज्ञा के बयान के दौरान हंगामा किया और महात्मा गांधी अमर रहे के नारे लगाए। वे बिना शर्त माफी की मांग कर रहे थे।
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने मुलायम सिंह यादव से सलाह मांगी, जिस पर उन्होंने कहा कि सभी दलों के नेताओं से बात कर रिकॉर्ड चेक कर लेना चाहिए। भतृहरि महताब ने भी इसका समर्थन किया। इस बीच, ओवैसी और अन्य कई विपक्षी नेता हंगामा करने लगे। आखिर दोपहर करीब 1 बजकर 4 मिनट पर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
दूसरी बार माफी मांगने के बाद मामला खत्म हुआ
स्पीकर के चैंबर में सभी फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि प्रज्ञा दोपहर ढाई बजे बिना शर्त माफी मांगेंगी। लेकिन जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो स्पीकर ने कहा कि प्रज्ञा आ रही हैं और बयान देंगी। लेकिन प्रज्ञा नहीं पहुंचीं। करीब 2.55 बजे प्रज्ञा सदन में आईं तो उन्होंने फिर कहा कि देश के लिए जो करती हूं, उतना ही कहना चाहती हूं। एसपीजी बिल पर चर्चा के दौरान मैंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा। मैंने नाम ही नहीं लिया। फिर भी किसी को ठेस पहुंची है तो खेद प्रकट करते हुए क्षमा चाहती हूं। इसके बाद मामला खत्म हो गया।
प्रज्ञा ने कहा- अब कुछ नहीं बोलूंगी
लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक नाथूराम गोडसे को लेकर विवाद के बारे में भास्कर के संतोष कुमार ने उनसे बातचीत की तो उनका कहना था कि पूरे मसले पर जो भी है, सब सामने है। इस बारे में अब मैं कुछ नहीं बोलूंगी।
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ”राहुल गांधी ने महिला सांसद को आतंकी कहा। यह महात्मा गांधी की हत्या से भी बदतर है। इसलिए सदन को राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाना चाहिए। कांग्रेस ने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाई। शिवसेना ने भी मुखपत्र सामना के लेख में गोडसे को देशभक्त कहा था। कांग्रेस सत्ता और लालच में किसी ही हद तक जा सकती है।”
राहुल ने कहा कि मैं अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका हूं, आपको जो करना है करिए। दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रज्ञा के बयान को लेकर ट्वीट किया, “आतंकी प्रज्ञा आतंकवादी गोडसे को देशभक्त बता रही हैं। यह भारतीय संसद के इतिहास का सबसे काला दिन है।”
इसके बाद प्रज्ञा ने शाम को राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का नोटिस दे दिया। अब लोकसभा सचिवालय यह देखेगा कि नोटिस पर क्या फैसला लेना है। सचिवालय स्पीकर को यह सिफारिश भेजेगा कि यह नोटिस स्वीकार कर प्रस्ताव को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाना चाहिए या उसे खारिज कर देना चाहिए।
‘सदन गांधी के हत्यारे के महिमा मंडन की इजाजत नहीं देता’
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ”भारत ही नहीं, पूरी दुनिया महात्मा गांधी के सिद्धांत पर चलती है। हमें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। हम हमने इसे जारी रखा तो पूरी दुनिया इसे देखेगी। इसीलिए मैंने विवादित टिप्पणी को कार्यवाही से हटावा दिया था। सदन कहीं भी महात्मा गांधी के हत्यारे के महिमा मंडन की अनुमति नहीं देता है। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री इस पर अपनी बात रख चुके हैं। सांसद (प्रज्ञा ठाकुर) ने भी माफी मांगी है।”
ए. राजा के बयान के दौरान प्रज्ञा ने टिप्पणी की थी
प्रज्ञा ने बुधवार को द्रमुक नेता ए. राजा के बयान के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। इस बयान पर विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई। दरअसल, द्रमुक के ए.राजा ने सदन में गोडसे का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने बताया था कि गोडसे ने महात्मा गांधी को क्यों मारा था। इस पर प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकटे हुए कहा कि आप एक ‘देशभक्त’ का उदाहरण नहीं दे सकते। तब राजा ने कहा- गोडसे ने खुद स्वीकार किया था कि वह 32 साल से गांधीजी से सहमत नहीं था। इसके बाद ही उनकी हत्या की साजिश रची थी।