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मोदी पर हमलावर कांग्रेस:राहुल गांधी ने कहा- रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में चीन की घुसपैठ का जिक्र, फिर प्रधानमंत्री ने झूठ क्यों बोला, उनमें चीन का नाम लेनेे की हिम्मत नहीं

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पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच कांग्रेस नेता राहुुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। रक्षा मंत्रालय के एक दस्तावेज का हवाला देकर राहुल ने कहा- रक्षा मंत्रालय चीन की तरफ से सीमा उल्लंघन की बात मान रहा है। तो फिर प्रधानमंत्री झूठ क्योंं बोल रहे हैं? राहुल ने कहा- चीन का सामना करने की बात भूल जाइए। भारत के प्रधानमंत्री में इतना भी साहस नहीं कि वो चीन का नाम ले सकें। चीन का हमारे क्षेत्र में घुस आना और वेबसाइट्स से दस्तावेज हटा देने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।
राहुल के दावे का आधार क्या?
दरअसल, चीन की सेना की घुसपैठ पर रक्षा मंत्रालय ने एक डॉक्यूमेंट जारी किया है। इसमें पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो, गोगरा और कुंगरांग नाला में चीनी घुसपैठ की जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि चीन 5 मई से ही आक्रामक रुख अपना रहा था। राहुल ने इस बारे में एक मीडिया रिपोर्ट शेयर करते हुए प्रधानमंत्री से सवाल पूछा और उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड की रिपोर्ट
रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में अपनी वेबसाइट पर सीमा विवाद से जुड़े डॉक्यूमेंट अपलोड किए हैं। इनके मुताबिक- एलएसी और खासकर गलवान घाटी में 5 मई से चीन की आक्रामकता बढ़ रही थी। उसने 17-18 मई को कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर घुसपैठ की थी। मंत्रालय ने पहली बार चीनी घुसपैठ की बात मानी है।
दोनों देशों के बीच अब तक 5 मीटिंग हुई
मंत्रालय के मुताबिक, तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों में कोर कमांडर लेवल की फ्लैग मीटिंग 6 जून 2020 को हुई थी। हालांकि, 15 जून 2020 को दोनों देशों के बीच हिंसक झड़प हुई।
इसके बाद दूसरी कोर कमांडर की बैठक 22 जून को हुई। इसमें सैनिकों के पीछे हटाने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
तीसरी बैठक 30 जून को हुई और यह लगभग 12 घंटे तक चली। बैठक के दौरान, शांति बहाली के लिए तनाव वाले सभी इलाकों पर चर्चा हुई। इसमें चीन पैंगोंग त्सो से पीछे हटने को तैयार हो गया था। हालांकि, उसके सैनिक पीछे नहीं हटे।
चौथी बैठक 14 जुलाई को हुई। भारत और चीन के सैन्य प्रतिनिधियों ने सैनिकों को पीछे हटाने के बारे में चर्चा की। भारत ने चीन से पैंगोंग और देपसांग इलाका खाली करने को कहा।
पांचवीं बैठक 2 अगस्त को हुई। भारत ने साफ कर दिया कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना पीछे नहीं हटी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि मिलिट्री और डिप्लोमैटिक मीटिंग्स से हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, हालात को देखते हुए तनाव के लंबे समय तक बने रहने की आशंका है।
राहुल गांधी पहले प्रधानमंत्री पर साध चुके हैं निशाना
भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। इससे पहले राहुल ने कहा था कि भारत सरकार की कायरतापूर्वक कार्रवाई की वजह से देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
1. राहुल ने फिर सरकार को घेरा:राहुल गांधी ने कहा- चीन ने हमारी जमीन ले ली, केंद्र सरकार की कायरता की वजह से हमें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी
2. कांग्रेस नेता ने कहा- 2014 से प्रधानमंत्री लगातार बड़ी गलतियां कर रहे, इससे देश कमजोर हुआ; चीन ने घुसपैठ के लिए यही समय क्यों चुना?

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