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चावल घोटाला:इंसानों को बांटा जानवरों का चावल, ईओडब्ल्यू ने 10 जिलों में जांच शुरू की, 100 टीमें जुटीं, कई अफसर घेरे में, दो जिलों के 22 मिलर्स और 9 अफसरों पर एफआईआर

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बालाघाट-मंडला जिले में इंसानों को जानवरों का चावल बांटने के मामले की जांच का दायरा शनिवार को और बढ़ गया। प्रदेश के चावल उत्पादक जिलों रीवा, सतना, सीधी, सिवनी, शहडोल, उमरिया, मंडला, अनूपपुर, कटनी और नरसिंहपुर के वेयर हाउस कॉर्पाेरेशन और निजी गोदामों में रखे चावल की जांच के लिए 100 टीमें लगा दी गई हैं। जबकि भोपाल, सागर, शिवपुरी और भिंड भेजे गए घटिया चावल के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। इधर, जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू ने मामले में आर्थिक अनियमितता की जांच शुरू करते हुए बालाघाट में 18, मंडला में 4 मिलर्स और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के 9 अफसरों पर एफआईआर दर्ज की है।
जांच एजेंसी की जबलपुर विंग के प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि दोनों जिलों में संयुक्त रूप से एक-एक प्रकरण दर्ज किया है। दूसरी ओर, इस कार्रवाई से नाराज बालाघाट के 100 से ज्यादा मिलर्स ने रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। बालाघाट मिलर्स एसो. अध्यक्ष एवं भगत राइस मिल के मालिक जितेंद्र मोनू का कहना है कि गलती चावल के रखरखाव में हुई और इसके लिए वे नहीं, बल्कि संबंधित विभाग के अफसर-कर्मचारी जिम्मेदार हैं।
दो जिलों का चावल जहां गया, वहां जांच
एक दिन पहले शुक्रवार को बालाघाट में 4700 टन और जबलपुर में 6000 टन खराब चावल सील किया गया है। इन गोदामों से प्रदेश भर में जहां-जहां भी चावल गया, वहां जांच की जा रही है। खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने इस मामले को लेकर सोमवार को खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम और भंडार गृह निगम के एमडी की बैठक बुलाई है।बालाघाट में अमानक स्तर का चावल प्रदाय करने वाली इन मिलों पर सरकार का शिकंजा
कलेक्टर बालाघाट दीपक आर्य ने अमानक स्तर का चावल प्रदाय करने वाली राइस संचेती राईस मिल वारासिवनी के मालिक गंभीर संचेती, मां दुर्गा राइस मिल वारासिवनी के मालिक भोजेश पारधी, लक्ष्मी राइस उद्योग वारासिवनी के मालिक हुलेश कटरे, संचेती सारटेक्स वारासिवनी के मालिक गौरव संचेती, श्री कुमार राइस मिल नैतरा के मालिक आनंद ठाकरे, आकाश इंडस्ट्रीज वारासिवनी के मालिक गगनदास सोमानी, तोलानी राईस मिल वारासिवनी के मालिक राकेश तोलानी, महालक्ष्मी राईस मिल खमरिया के मालिक खुमान सिंह बिसेन, श्री सिद्धिविनायक राईस मिल खमरिया के मालिक बालकृष्ण बिसेन, बाबा राईस मिल सांवगी के मालिक रविशंकर ठाकरे, बजरंग राईस मिल बैहर के मालिक हृदय शाय हिरवाने, अंबिका राईस मिल बैहर के मालिक राकेश अग्रवाल, सताक्षी राईस मिल बैहर के मालिक आकाश अग्रवाल, चैतन्य प्रसाद अग्रवाल राईस मिल बैहर की मालिक श्रीमती शशिकला अग्रवाल, श्री लक्ष्मी राईस मिल उकवा के मालिक मुकेश अग्रवाल, व्ही बी राईस मिल, सीडब्ल्यूसी गर्रा की मालिक बरखा रानी नाग, मां दुर्गा राईस इंडस्ट्रीज सीडब्ल्यूसी गर्रा के मालिक लालचंद धनवानी एवं गीता ट्रेडर्स सीडब्ल्यूसी गर्रा के मालिक दीपक धनवानी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
जहां भी गड़बड़ी हुई है जांच होगी
प्रदेश में जहां भी खराब चावल के वितरण से संबंधी गड़बड़ियां सामने आई हैं। वहां जांच कराई जा रही है। आगे जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।
– अभिजीत, अग्रवाल, एमडी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम
करोडा़ें की बर्बादी : 100 करोड़ का गोरखधंधा
बालाघाट और मंडला जिले में गोदामों से 10 हजार 700 टन खराब चावल सील कर दिया गया है जिसकी कीमत लगभग 30 करोड़ रुपए है। मिलर्स, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम और भंडार गृह निगम की मिलीभगत से इस खराब चावल को आगामी दिनों में गरीबों में बांटने की योजना थी। दोनों जिलों में ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है। अच्छे चावल की जगह खराब चावल खपाने का यह गोरखधंधा 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है।
सागर में 3500 क्विंटल चावल जानवरों के खाने लायक
तस्वीर सागर के भैसा स्थित शासकीय वेयरहाउस की है। यहां सिवनी से दो रैक चावल के आए थे, जिनमें 14 हजार क्विंटल चावल था। शनिवार को इसकी जांच में 3500 क्विंटल चावल खराब मिला है। अगस्त के महीने में यह चावल आया था, लेकिन खराब होने की वजह से इसका अभी तक वितरण नहीं किया गया है। फिलहाल इसे सील कर दिया है।
खामी : खराब चावल जांचने के लिए टीम में तकनीकी स्टाफ नहीं
बालाघाट-मंडला जिले के गोदामों की जांच के लिए जो टीमें गठित की गई हैं, उनमें ऐसा टेक्निकल स्टाफ नहीं है, जो खराब चावल की जांच कर सके। ये टीमें एसडीएम स्तर के अधिकारियों की निगरानी में हैं। इनमें फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया, केंद्रीय भंडारण गृह की टीम, कृषि वैज्ञानिक शामिल नहीं हैं। गोदामों से जो चावल मिल रहा है, उसमें टूटन का प्रतिशत 40 से 50% तक है, जबकि 25% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
इनके खिलाफ एफआईआर
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक आर के सोनी, क्वालिटी निरीक्षक (तत्कालीन) नागेश उपाध्याय, मुकेश कनहेरिया, सीडब्ल्यूसी गर्रा के क्वालिटी निरीक्षक राकेश सेन, एसएल द्विवेदी, बैहर के क्वालिटी निरीक्षक लोचन सिंह टेंभरे, सीडब्ल्यूसी गर्रा के शाखा प्रबंधक विपिन बिसेन, श्वेता वेयर हाउस नेवरगांव के शाखा प्रबंधक उदय राजपूत आदि।
चावल घोटाले की सीबीआई जांच हो
चावल घोटाला कई जिलों तक फैला है और इसके तार ऊपर तक जुड़े हुए हैं। इसकी सीबीआई जांच हो और जांच का दायरा भी दो जिलों से बढ़ाया जाए। जांच को सीमित कर घोटाले को दबाने का काम किया जा रहा है। -कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री

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