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पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने को लेकर निर्मला सीतारमण ने साफ किया यह कंफ्यूज़न, कभी भी किया जा सकता है यह काम

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पुनरुत्थान के रास्ते पर है. यह पूछे जाने पर कि क्या पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाएगा, सीतारमण ने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल को इसमें शामिल किया था. उन्होंने कहा, ‘जीएसटी कानून में एक प्रावधान है जिससे पेट्रोल और डीजल जीएसटी में शामिल हो सकते हैं.’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘जब (जीएसटी) परिषद फैसला करेगी कि इसे एक निश्चित दर पर लाया जाए और दर के निर्धारण के बाद इसे भी शामिल कर लिया जाएगा. पेट्रोल और डीजल को शामिल करने के लिए जीएसटी कानून में कोई नया संशोधन नहीं करना होगा. लेकिन परिषद को तय करना है कि इसे कब और किस दर पर लाना है.” बीते सप्ताह जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक हुई थी. इस बैठक में फिलहाल पेट्रोल-डीजल को इसके दायरे से बाहर रखने का फैसला लिया गया.

25 रूपए से ज्यादा सस्ता हो जाएगा पेट्रोल
माना जाता है कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इसकी कीमत में भारी कटौती हो जाएगी. अगर जीएसटी के दायरे में पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को लाया गया तो देश भर में पेट्रोल के भाव 75 रुपए और डीजल के भाव 68 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाएंगे. हालांकि, पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाए जाने से केंद्र और राज्यों को राजस्व में जीडीपी के महज 0.4 फीसदी के बराबर करीब 1 लाख करोड़ रुपए की कमी आएगी.

किसानों की इनकम डबल करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है. वित्त मंत्री ने इससे पहले अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि मौजूदा सरकार की आर्थिक गतिविधियों के संचालन के मामले में एक सुसंगत सिद्धांत रहा है और वह सिद्धांत है ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’

40 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खोले गए हैं
कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर उन्होंनें कहा कि उद्योगों ने भी अपने कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव किया है. उन्होंने साथ ही जन धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को इससे लाभ हो रहा है और 40 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए हैं.

खुदरा और रिटेल निवेशक दिखा रहे हैं काफी इंट्रेस्ट
शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी को लेकर सीतारमण ने कहा कि बाजार की अपनी समझ है कि वह कंपनियों के साथ क्या व्यवहार करता है. उन्होंने कहा कि कंपनियों की सूचीबद्धता प्रक्रिया और संबंधित नियमनों में पारदर्शिता है. वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘आज खुदरा और छोटे निवेशक शेयर बाजार में रूचि दिखा रहे हैं और निवेश कर रहे हैं. पहले, खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंड के जरिये निवेश करते थे.’’

म्यूचुअल फंड के साथ-साथ डायरेक्ट भी बाजार में हो रहा निवेश
उन्होंने कहा, ‘‘अब वे म्यूचुअल फंड के जरिये बाजार में निवेश तो कर ही रहे हैं, साथ ही डिमैट खातों के जरिये सीधे शेयर बाजार में जा (निवेश) रहे हैं. इसीलिए, शेयर बाजार को लेकर आज रूचि बढ़ी है, ज्यादा निवेश हो रहा है तथा और खुदरा निवेश हो रहे हैं. यह जो भी हो रहा है, पारदर्शी तरीके से हो रहा है.’’ सीतारमण ने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार में भरोसा बढ़ रहा है.’’

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