शिक्षा को उच्चतम स्तर तक पहुंचाना सभी का दायित्व: राज्यपाल आनंदीबेन

सतना। महात्मा गांधी विश्वविद्यालय भारतरत्न नानाजी देशमुख के सपनों का केंद्र है। इसे शिक्षा के उच्चतम स्तर तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। विश्वविद्यालय के छात्र देश-विदेशों में नाम कमा रहे हैं। प्रभु श्रीरामचंद्र जी की यह कर्मभूमि है। छात्रों को भी इस स्थान को अपनी कर्मभूमि समझकर शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
यह बात प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कही। राज्यपाल ने बेटियों के बढ़-चढ़ कर शिक्षित होने के अभियान को सराहा। साथ ही बेटों को भी बेटियों से प्रेरणा लेने की बात कही।
शेरवानी त्रिवेणी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी उपलब्धियों से राज्यपाल को परिचित कराया। इस मौके पर 49 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 131 शोधकर्ताओं, स्नातक स्तर के 678 व परास्नातक स्तर के 204 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त लगभग 9 हजार स्नातक परास्नातक स्तर के दूरवर्ती माध्यम से दूरदराज में अध्ययन कर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उपाधि के लिए मान्य करते हुए उपाधि प्रदान की गई।



