रतलाम-मंदसौर, झाबुआ से गुजरने वाले 240 किमी लंबे 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर बनेंगे 608 अंडर पास


रतलाम. 1250 किमी के दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के रतलाम, मंदसौर व झाबुआ से गुजरने वाले 250 किमी लंबे हिस्से में 608 अंडरपास भी बनेंगे। ये अंडर पास हर 500 मीटर से डेढ़ किमी के अंतर पर बनाए जाएंगे। इससे आसपास के 250 से ज्यादा गावों के रहवासियों को आवाजाही की सुविधा मिलेगी। पानी की निकासी के लिए सभी छोटे-बड़े नालों पर 951 कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे। यह कल्वर्ट यानी पुलिया इतनी ऊंची रहेंगी कि बारिश को छोड़कर बाकी समय इनका भी अंडर पास के रुप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
एक्सप्रेस-वे पर रतलाम व मंदसौर जिले में तीन-तीन इंटर सेक्शन बनाए जाएंगे। झाबुआ में एक इंटर सेक्शन बनेगा। यहां से एक्सप्रेस-वे पर आ जा सकेंगे।
एक्सप्रेस-वे आम रोड से औसतन 2 मीटर ऊंचा रहेगा। यह ऊंचा इसलिए बनाया जाएगा ताकि यहां इंटर सेक्शन के अलावा कहीं से भी कोई वाहन नहीं घुस सके।
तीनों जिलों में बीच में आने वाले नालों पर 538 बॉक्स कल्वर्ट व 413 कॉज-वे बनाए जाएंगे।
रतलाम जिले में 220, मंदसौर में 252 और झाबुआ जिले में 136 अंडर पास बनाए जाएंगे।
रतलाम में धामनोद (सैलाना), बड़ौदा जागीर(रतलाम) और भूतेड़ा में इंटर सेक्शन बनेंगे
मंदसौर में राजपुरा (भानपुरा), वारनी (शामगढ़), सुसनेर (सीतामऊ) में इंटर सेक्शन का निर्माण होगा
झाबुआ के मियाटी (थांदला) में इंटर सेक्शन बनेगा
ऐसे होते हैं कल्वर्ट, कॉज-वे
बॉक्स कल्वर्ट : इसमें सीमेंट के बॉक्स बनाकर नाले में रखे जाते हैं। ऊपर से एक्सप्रेस वे निकलेगा और बॉक्स में से नाले का पानी बहेगा। इसके नीचे से किसानों की ट्रेक्टर-ट्रालियां, बैलगाड़ी आदि वाहन आसानी से निकल सकेंगे।
कॉज-वे : रोड के नीचे से जैसे पाइप डालकर रपट बनाई जाती है, वैसे ही एक्सप्रेस-वे के नीचे बड़े पाइप डालकर कॉज-वे बनाए जाएंगे।
एनएचएआई ने मुआवजे का 101 करोड़ रुपया राजस्व विभाग के खाते में डाल दिया है। मुआवजा किसानों के खाते में पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा पूरा बंटने के बाद अक्टूबर में एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हो जाएगा। दो साल की डेडलाइन में यह बनकर तैयार होगा।
केपीएस चौहान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया



