भोपाल शहर में 20 लोकेशनों पर बढ़ाए जा सकते हैं जमीनों के दाम


भोपाल। बिना बैंक लोन के महंगे दाम पर बिक रही प्रापर्टी के दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि राजधानी में ऐसी करीब 20 से ज्यादा लोकेशन हैं जहां अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं। वह भी बैंक लोन के लिए नहीं बल्कि बाजार मूल्य के आधार पर। इसके चलते इन लोकेशनों पर दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल, भोपाल जिले में वर्ष 2020-21 की प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन के लिए 2000 से अधिक लोकेशनों की जांच चल रही है। इसमें कलेक्टर गाइडलाइन से अधिक दाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों की जांच की जा रही है। इसमें यह खुलासा हुआ कि ऐसी भी लोकेशन हैं, जहां लोन के लिए नहीं बल्कि जमीनों के दाम गाइडलाइन से ही 10 से 20 प्रतिशत तक अधिक हैं। अब उप जिला मूल्यांकन समिति अगली बैठक में इस पर विचार करेगी तथा इन क्षेत्रों में जमीनों के रेट में 5 से 10 प्रतिशत तक दाम बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। हालांकि चुनावी सीजन के चलते यह वृद्घि 5 प्रतिशत पर भी आकर टिक सकती है।
इस तरह हुई जांच, तब लोकेशन आईं सामने
बीते दिनों उप जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव ने बैठक में सभी सब रजिस्ट्रारों को निर्देश दिए थे कि वे भोपाल जिले में 2000 लोकेशनों पर कलेक्टर गाइडलाइन से बढ़े हुए दामों पर हुईं रजिस्ट्रियों की जांच करें तथा पता लगाएं कि अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां केवल अधिक लोन पाने के लिए कराई गई हैं या फिर उन क्षेत्रों में जमीनें वास्तव में कलेक्टर गाइडलाइन से महंगी हैं। प्रारंभिक जांच में 2000 लोकेशनों में से 73 लोकेशन ऐसी सामने आई थीं, जिनमें 5 या उससे अधिक रजिस्ट्रियां महंगे दामों पर हुई थीं। जब इसको और फिल्टर किया गया तो 10 या उससे अधिक रजिस्ट्रियां महंगे दामों पर हुईं। इसकी लोकेशन 35 ही सामने आईं, लेकिन इनमें भी लोन वाले दस्तावेज अधिक होने के कारण फिर से जांच कराई गई। तब 20 लोकेशनें सामने आईं। हालांकि अधिकारी इन लोकेशनों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, वे बैठक में ही इसको रखेंगे। उनका कहना है कि इन लोकेशनों में कमी या बढ़ोत्तरी भी हो सकती है।
जहां अधिक दामों पर रजिस्ट्रियों हुईं, उसके पीछे मुख्य कारण क्या है? इस संबंध में सब रजिस्ट्रारों से रिपोर्ट मांगी गई है। यह रिपोर्ट आगामी दिनों में होने वाली बैठक में रखेंगे। राजेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, उप जिला मूल्यांकन समिति



