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राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प 24वें देश में पहुंचे, लेकिन यह उनका 5वां सबसे चर्चित विदेशी दौरा


नई दिल्ली/अहमदाबाद. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प अपने पहले भारत दौरे पर सोमवार को अहमदाबाद पहुंचे। राष्ट्रपति की यह 24वीं विदेश यात्रा और 18वां फॉरेन विजिट है। ट्रम्प ने 20 जनवरी 2017 को अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इसके बाद अपने पहले विदेश दौरे पर वह 20 मई 2017 को सऊदी अरब गए थे। इसके बाद 22 मई को वे इजरायल पहुंचे थे।
ट्रम्प राष्ट्रपति बनने के तीन साल और एक महीने बाद यानी 1129 दिन बाद भारत पहुंचे। राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल का यह आखिरी साल है। इसी साल दिसंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव होना है। अब तक वह सबसे ज्यादा 4 बार फ्रांस गए हैं। विदेशी मीडिया और अंतराष्ट्रीय मामलों के जानकार ट्रम्प के भारत दौरे को अब तक का उनका 5वां सबसे चर्चित दौरा बता रहे हैं।
ट्रम्प के 5 सबसे चर्चित विदेशी दौरे:
24 फरवरी 2020: साबरमती जाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रम्प ने अहमदाबाद के मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में 1.23 लाख लोगों को संबोधित किया। साबरमती आश्रम गए और 22 किमी का रोड शो किया। ट्रम्प का विदेश में यह पहला रोड शो और रैली है। ट्रम्प साबरमती आश्रम पहुंचने वाले भी पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। मोदी ने भी प्रधानमंत्री बनने के किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के साथ में भारत में पहली रैली की।
30 जून 2019: नॉर्थ कोरिया की जमीन पर कदम रखा
डोनाल्ड ट्रम्प साउथ कोरिया के दौरे पर सियोल गए थे। यहां से वह उत्तर कोरिया की सीमा पर स्थित कोरियन डी-मिलेटराइज्ड जोन में पहुंचे। ट्रम्प ने किम जोंग उन का हाथ पकड़कर उनके देश में कदम रखा। वह उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने।
28 मई 2019: जापान में नए राजा ने ट्रम्प का वेलकम किया
जापान में नए राजा के राजतिलक के बाद ट्रम्प वहां पहुंचने वाले पहले विदेशी राष्ट्रपति बने। यहां इंपीरियल पैलेस में नए राजा नारूहितो ने उनका शाही स्वागत किया।
13 जुलाई 2018: यूके में बकिंघम पैलेस में स्टेट डिनर किया
ब्रिटिश क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ने विंडसर कैसल में राष्ट्रपति ट्रम्प को स्टेट डिनर पर आमंत्रित किया। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
12 फरवरी 2018: फ्रांस में आजादी के जश्न में शामिल हुए
ट्रम्प बास्तील-डे परेड में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे थे। यह परेड अमेरिका के पहले विश्वयुद्ध में शामिल होने के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी। बास्तील डे परेड फ्रांस अपने आजादी के दिन के तौर पर मनाता है। ट्रम्प ने इसे सबसे बड़ी परेड बताया था।

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