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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि


भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2.30 बजे नई दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए निवास स्थान 10 राजाजी मार्ग पर रखा गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर प्रणब दा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत, सेना प्रमुख एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद सुबह 11 से 12 बजे के बीच आम जनता श्रद्धांजलि अर्पित कर सेगी। कोरोना संकट को देखते हुए सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। प्रणब मुखर्जी का दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में निधन हो गया था। वे साल 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उन्हें साल 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
प्रणब दा जुलाई, 2012 में राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पहले वह रक्षा और वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। उन्हें 10 अगस्त को दोपहर दिल्ली कैंट स्थित आरआर (रिसर्च एंड रेफरल) अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया था, जिसकी सर्जरी हुई थी। वे उसी दिन कोरोना संक्रमित पाए गए थे। ऑपरेशन के बाद भी उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। वे कोमा में थे और उनके फेफड़े व किडनी में भी संक्रमण हो गया था। उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट देना पड़ा था। सोमवार को शाम 4ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
राष्ट्रीय राजनीति में लगभग पांच दशक तक अपनी क्षमता का लोहा मनवाने वाले प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। विलक्षण राजनीतिक प्रतिभा और गुणों के कारण उन्हें चाणक्य, संकटमोचक जैसे कई विशेषण दिए जाते रहे हैं।

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