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JEE Mains Exam 2020 in MP, कोरोना काल में पूरी सुरक्षा बरतते हुए जेईई मेंस में शामिल हुए परीक्षार्थी


भोपाल: कोरोना काल के बीच इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा ( जेईई ) मेंस की परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई। सुबह 9 बजे से पहली पाली की परीक्षा के लिए अभिभावक अपने बच्चों के साथ सुबह 7 बजे ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। कोई सीहोर से तो कोई सिवनी मालवा से बाइक चलाकर अपने बच्चों को परीक्षा केंद्र पहुंचाया। वहीं भोपाल के भी अभिभावक सुबह से परीक्षा केंद्र पहुंच गए। राजधानी चार इंजीनियरिंग कॉलेज में पहली पाली में 800 विद्यार्थी शामिल हुए रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर एनटीए ( नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में जारी गाइडलाइन का पालन किया गया। परीक्षा केंद्रों के मुख्य गेट से काफी दूर ही अभिभावकों को बच्चों को छोड़ना था।
सभी विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क और हैंड सैनिटाइज कर अंदर प्रवेश दिया गया। प्रवेश के समय सुरक्षित शारीरिक दूरी का पूरी तरह से पालन किया गया। पहली पाली 9 से बजे से शुरू हुई, जो 12 बजे तक चलेगी। वहीं दूसरी पाली दोपहर 3 से 6 बजे तक होगी। भोपाल में रातीबड़ स्थित आईइएस कॉलेज, रायसेन रोड स्थित सैम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोकता बायपास रोड स्थित ट्रिनिटी कॉलेज 1 व 2 चार परीक्षा केंद्रों पर में परीक्षा चल रही है। बच्चों को परीक्षा केंद्र के अंदर भेजकर अभिभावक बाहर ही तीन घंटे इंतजार करते रहें। परीक्षा केंद्र पर जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना भी जायजा लेने पहुंचें थे।
अभिभावकों ने जताई नाराजगी
भोपाल से 120 किमी की दूरी तय कर आने वाले अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। शासन द्वारा विद्यार्थियों के उपलब्ध नि:शुल्क परिवहन सेवा का उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। नरसिंघगढ़ से निजी वाहन कर आईं तब्सुम गौरी ने कहा कि उनकी बहन की परीक्षा दिलाने भोपाल आना था। जब वे शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल किया तो उन्हें कहा गया कि जब चार बच्चे जाएंगे, तब लेकर चलेंगे। तब उन्होंने निजी वाहन का सहारा लिया। वहीं कमल टेंगोरिया ने कहा कि 181 पर फोन लगाने पर बात नहीं हो पाई।
बाइक से बेटे को परीक्षा केंद्र पहुंचाया
सिवनी मालवा से सुबह 4 बजे से बाइक से बेटे को लेकर श्रीराम बकोरिया ट्रिनीटी कॉलेज के परीक्षा केंद्र पहुंचें। उन्होंने कहा कि उन्हें शासन द्वारा दी गई परिवहन सुविधा की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं सीहोर से बाइक चलाकर भीम सिंह सलूजा अपने बेटे को लेकर परीक्षा देने आए। उन्होंने कहा कि 181 पर फोन लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला पाया।
शासन द्वारा विद्यार्थियों को परिवहन को लेकर पूरी व्यवस्था की गई है। कोलार से एक छात्रा को परीक्षा केंद्र पहुंचाया गया। मेरे संज्ञान में जितने कॉल आए सभी को सुविधा दी गई। – नितिन सक्सेना, जिला शिक्षा अधिकारी

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