Breaking Newsअन्य खबरेंमध्य प्रदेश

MP में पहली बार:गेहूं के साथ चना, सरसो व मसूर की सरकारी खरीदी 15 मार्च से शुरू होगी, पंजीयन 1 फरवरी से


मध्य प्रदेश में सरकार पहली बार गेहूं के साथ चना, सरसो व मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी करेगी। इसके लिए 1 फरवरी से पंजीयन शुरू हो जाएगा। जबकि खरीदी 15 मार्च से शुरू हो जाएगी। पिछले साल तक सरकार पहले गेहूं की खरीदी करती थी। इसके बाद अन्य फसलों की खरीदी होती थी। जबकि चने की फसल गेहूं के पहले आ जाती है लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया गेहूं के बाद मई- जून में शुरू होती है। हर साल गेहूं की खरीदी मार्च में शुरू हो जाती थी, लेकिन अभी तक खरीदी की तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि गेहूं के लिए पंजीयन चालू है।
इसको लेकर कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि चने की फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसान मई -जून तक इंतजार नहीं कर पाता है, क्योंकि यह फसल छोटे व असिंचित भूमि के किसान पैदा करते हैं। सरकारी खरीदी में देर होने से व्यापारी कम भाव में चना खरीद लेते हैं। इससे किसान को नुकसान होता है। सरकार ने गेहूं की खरीदी के लिए खाद्य विभाग और चना मसूर व सरसो की खरीदी के लिए मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया है।
अभी व्यापारी को चना बेचने से किसान को 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल का घाटा
सरकार ने चने का समर्थन मूल्य 5100 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन व्यापारी किसान से 3800 से 4500 रुपए तक में खरीद रहे हैं। किसान को औसतन 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन मार्च में सरकारी खरीदी की घोषणा से किसानों को फायदा होगा।
चना व सरसो की अधिकतम सीमा हो चुकी है समाप्त
सरकार ने पिछले साल सरसो, मसूर और चने की खरीद विलंब से शुरू हुई थी। इस वजह से चना की सरकारी खरीदी में अधिकतम 15 क्विंटल और सरसों में भी अधिकतम 25 क्विंटल की सीमा को खत्म कर दिया था। इसको लेकर कृषि मंत्री ने कहा कि इससे मंडी में आवक बढ़ी और व्यापारियों को माल मिलना मुश्किल हो गया था। व्यापारियों को मजबूरन समर्थन मूल्य से 2 हजार रुपए क्विंटल अधिक देकर खरीदी करना पड़ी इससे किसानों को 1 हजार करोड़ रुपये का फायदा हुआ।

Related Articles

Back to top button