Breaking Newsअन्य खबरेंराजनीति

बसपाइयों का पार्टी से मोह भंग:पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश जाटव सहित अन्य ने किया किनारा, थामा कांग्रेस का दामन, बढ़ने लगी बहुजन समाजवादी पार्टी में अर्न्त कलह

मुरैना में बहुजन समाजवादी पार्टी में फूट पड़ गई है। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश जाटव सहित कुछ लोगों ने अब कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इसी के साथ अब जिले में पार्टियों के नाखुश कार्यकताओं में दल बदलने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

यहां बता दें, कि कांग्रेस से भाजपा में कई नेता चले गए। इसके पीछे भाजपा का शासन काल है। बहुजन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लंबे समय से अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे थे। एक तो उनकी पार्टी की सरकार न उत्तर प्रदेश में है और न ही मध्य प्रदेश में आई है। इसकी वजह से उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा है। अब बसपा के पार्टी कार्यकर्ता अन्य पार्टियों में अपना भविष्य तलाश करने लगे हैं। इसी का परिणाम है कि सोमवार को पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश जाटव ने भोपाल पहुंचकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्होने यह दामन फूलसिंह बरैया व जसवीर सिंह गुर्जर के नेतृत्व में थामा है।

इन लोगों ने भी छोड़ी बसपा
राकेश जाटव के साथ-साथ साहब सिंह चौधरी, अध्यक्ष सुमावली विधानसभा, रामप्रकाश उच्चादिया, दीपक बौद्ध, गजेन्द्र सिंह, प्रदीप सागर के साथ अन्य पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे। इन लोगों ने भी बसपा छोड़ दी है। इस मौके पर अशोक भदौरिया व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुर्जर व अनूप खेरिया मुख्य रूप से उपस्थित थे।

नाराज पार्टी कार्यकर्ता अवसर की तलाश में
बताया जाता है कि अकेले बहुजन समाज वादी पार्टी नहीं बल्कि अन्य पार्टियों के नाखुश कार्यकर्ता अवसर की तलाश में हैं। यह कार्यकर्ता चाहते हैं कि उन्हें पद का ऑफर दिया जाए तो वह तुरंत मौजूदा पार्टी को तिलांजलि देकर दल बदल लेंगे।
महापौर के चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे जाटव
बहुजन समाज पार्टी का साथ छोड़ने वाले राकेश जाटव इससे पहले महापौर पद का चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2015 में मुरैना नगर निगम पहली बार नगर निगम बनी थी। उस समय महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से हुआ था। इसमें भाजपा से अशोक अर्गल चुनाव लड़े थे।कांग्रेस से राजेन्द्र सोलंकी उर्फ राजू चुनाव लड़े थे। बहुजन समाजवादी पार्टी से राकेश जाटव चुनाव लड़े थे। इनके 30 हजार वोट आए थे। इस चुनाव में अशोक अर्गल चुनाव जीते थे।

उद्देश्य से भटक गई बसपा
हम बहुजन समाज वादी पार्टी में वर्ष 1989 से जुड़े थे। हम पार्टी के जनहित वाले उद्देश्यों की वजह से शामिल हुए थे। लेकिन आज की स्थिति में बसपा अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। जिसके कारण हमें पार्टी को छोड़ना पड़ा है।

Related Articles

Back to top button