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थाने में नही दी कॉपी तो अटक जाएगी पासपोर्ट की फाइल:कोर्ट में केस खत्म हो गया, तो थाने में कॉपी जरूर करें अपडेट

थाने में नही दी कॉपी तो अटक जाएगी पासपोर्ट की फाइल:कोर्ट में केस खत्म हो गया, तो थाने में कॉपी जरूर करें अपडेट

अगर आप पासपोर्ट बनवा रहे हैं या उसे रिन्यू करवा रहे हैं। साथ ही, आपका कोई कोर्ट केस जो कि खत्म हो चुका है, तो उसकी खात्मे की कॉपी थाने में जरूर अपडेट करवा लें। क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया, तो आपको परेशान होना पड़ सकता है। इस तरह का मामला गुरुवार को रीजनल पासपोर्ट कार्यालय में गुरुवार को इंक्वायरी के दौरान आया। मिसरोद के रहने वाले यशवंत पाटीदार ने बताया कि उन्होंने दिसंबर में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मगर पुलिस की नेगेटिव रिपोर्ट के चलते उन्हें अपना अपाॅइंटमेंट री-शेड्यूल करवाना पड़ा।

तो अटक जाएगी पासपोर्ट की फाइल:कोर्ट में केस खत्म हो गया, तो थाने में कॉपी जरूर करें अपडेट

अगर आप पासपोर्ट बनवा रहे हैं या उसे रिन्यू करवा रहे हैं। साथ ही, आपका कोई कोर्ट केस जो कि खत्म हो चुका है, तो उसकी खात्मे की कॉपी थाने में जरूर अपडेट करवा लें। क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया, तो आपको परेशान होना पड़ सकता है। इस तरह का मामला गुरुवार को रीजनल पासपोर्ट कार्यालय में गुरुवार को इंक्वायरी के दौरान आया। मिसरोद के रहने वाले यशवंत पाटीदार ने बताया कि उन्होंने दिसंबर में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मगर पुलिस की नेगेटिव रिपोर्ट के चलते उन्हें अपना अपाॅइंटमेंट री-शेड्यूल करवाना पड़ा।

यह था मामला
यशवंत कहते हैं कि मैंने दिसंबर में पासपोर्ट रिन्यू के लिए आवेदन किया था। मेरा एक कोर्ट केस था जो कि खत्म हो गया है। मगर पुलिस के पास खत्मे की रिपोर्ट नहीं होने के चलते उन्होंने मेरी केस पेंडेंसी बताकर निगेटिव रिपोर्ट भेज दी। इसकी वजह से मुझे पहले कोर्ट से मामले के खात्में की रिपोर्ट लेनी पड़ी। फिर पुलिस और पासपोर्ट कार्यालय में सबमिट भी करनी पड़ी। अगर यह रिपोर्ट पुलिस के पास अपडेट होती, तो मुझे दूसरा अपाॅइंटमेंट नहीं लेना पड़ता।

दो सगे भाइयों की जन्म तिथि में सिर्फ पांच महीने का अंतर
इसके अलावा एक अन्य केस में दो आवेदकों की जन्म तिथि में सिर्फ पांच महीने का अंतर देखा गया। पासपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि यह दोनों आवेदक सगे भाई हैं और सीहोर से भोपाल आए थे। उनके माता- पिता का नाम एक जैसा था लेकिन उनके जन्म के बीच मात्र 5 महीने का अंतर था।

जब अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट आवेदन को प्रोसेस किया तो देखा कि दोनों के आधार कार्ड में मात्र 5 महीने का अंतर था। इसके बाद दोनों के जन्म प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेज मंगवाए गए। दस्तावेज को वेरीफिकेशन संबंधित विभाग में भेजा गया, जहां से जवाब मिलने के बाद जिसके दस्तावेज सही होंगे उन्हे पासपोर्ट देने की कार्रवाई की जाएगी और दूसरे की फाइल को बंद कर दिया जाएगा ।

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