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सतपुड़ा भवन की पूर्वी विंग में शुरू होंगे दफ्तर:जांच कमेटी का ओके, बाकी हिस्से का फैसला रिपोर्ट के बाद; सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजे गए

सतपुड़ा भवन की पूर्वी विंग में शुरू होंगे दफ्तर:जांच कमेटी का ओके, बाकी हिस्से का फैसला रिपोर्ट के बाद; सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजे गए

भोपाल के सतपुड़ा भवन में आग लगने की वजह जानने के लिए बुधवार को भी हाई लेवल कमेटी यहां पहुंची। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गठित इस कमेटी में शामिल गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने बताया, ‘आज बिल्डिंग की पश्चिमी विंग की तीसरी से छठी मंजिल का तीसरी बार दौरा किया है। 14 सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए फॉरेंसिंक साइंस लैबोरेटरी, सागर भेजे हैं। जांच के बाद इन सैम्पल्स को सील बंद कर सेफ रखने को कहा गया है।’

राजौरा ने बताया, ‘हमने मंगलवार को भी जांच की थी। दो दिन में PWD के E&M विंग के वरिष्ठ इंजीनियर और फायर सेफ्टी इंस्पेक्टर समेत लगभग 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए हैं। शासन को बिल्डिंग के स्ट्रक्चर का मूल्यांकन और आग से बच गई बिल्डिंग की पूर्वी विंग के कार्यालयों को शुरू करने के लिए अवगत कराया है। कमेटी दो दिन में शासन को अपनी रिपोर्ट देगी।’

मंगलवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के नेतृत्व में स्पेशल टीम ने जांच की थी। बुधवार को भी यह टीम तीसरी बार जांच करने पहुंची।
3 दफ्तरों में हेल्थ डायरेक्टोरेट के अधिकारी-कर्मचारी होंगे शिफ्ट
सतपुड़ा भवन में आग लगने से आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना और स्वास्थ्य संचालनालय का दफ्तर जल गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने सतपुड़ा भवन में लगने वाले सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की मंगलवार-बुधवार को छुट्टी रखी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बैठने के लिए अलग-अलग दफ्तरों में व्यवस्था की गई है।

ये अधिकारी अमले के साथ यहां बैठेंगे…

भोपाल सीएमएचओ के नए ऑफिस में बैठेंगे ये अधिकारी-कर्मचारी

स्वास्थ्य संचालक दिनेश श्रीवास्तव 4 कर्मचारियों सहित बैठेंगे।
एडिशनल डायरेक्टर मल्लिका निगम नगर भोपाल अविज्ञप्त शाखा के 16 कर्मचारियों के साथ कामकाज करेंगी।
अपर संचालक अजीजा सर शाह जफर विज्ञप्त शाखा के 20 कर्मचारियों के साथ बैठेंगी।
वरिष्ठ संयुक्त संचालक वंदना खरे परिवार कल्याण और निवेश शाखा के 8 कर्मचारियों के साथ कामकाज करेंगी।
वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. अभय खरे कार्यालय स्थापना और सामान्य शाखा के 20 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
संयुक्त संचालक डॉ. राजीव बजाज नर्सिंग शाखा के 14 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी लोक सेवा गारंटी, जन स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों के साथ बैठेंगी।
संयुक्त संचालक डॉ. एमएस सागर शिकायत शाखा के 13 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
उपसंचालक दिव्या पटेल लीगल सेल के 8 कर्मचारियों के साथ बैठेंगी।
डायरेक्टर डॉ. राधिका गुप्ता भंडार शाखा के चार कर्मचारियों के साथ अपना कामकाज करेंगी। वे यहीं से आरटीआई, परिवहन शाखा के कर्मचारियों के साथ अपना कामकाज संचालित करेंगी।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह चौहान आईडीएसपी, आयोग शाखा का काम संचालित करेंगे।
उप संचालक डॉ. हिमांशु जायसवार विधानसभा, समन्वय, जन शिकायत शाखा के 13 कर्मचारियों के साथ सीएमएचओ भोपाल के ऑफिस और आयुष्मान भारत के कार्यालय में अपना कामकाज करेंगे।

ये अधिकारी इन दफ्तरों में बैठेंगे

अस्पताल प्रशासन के संचालक डॉ. पंकज जैन हेल्थ कॉर्पोरेशन के दफ्तर में अस्पताल प्रशासन शाखा के 20 कर्मचारियों के साथ कामकाज संचालित करेंगे।
अतिरिक्त संचालक शैलेंद्र कुमार सिंह एनएचएम ऑफिस में वित्त और भुगतान शाखा के 27 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
मुख्य अभियंता केसी यादव भवन शाखा के 15 कर्मचारियों के साथ एनएचएम ऑफिस में बैठेंगे।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रूबी खान राज्य रक्ताधान परिषद, लैब और ब्लड सर्विसेज शाखा के साथ कर्मचारियों के साथ एनएचएम ऑफिस में बैठेंगी।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. योगेश कौरव आईटी सेल के कर्मचारियों के साथ हेल्थ कॉर्पोरेशन में काम संभालेंगे।
डिस्पेंसरी शाखा के डॉ. प्रांजल चतुर्वेदी सतपुड़ा भवन के सेकंड फ्लोर पर बैठ कर कामकाज संचालित रखेंगे।

मंगलवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के नेतृत्व में स्पेशल टीम ने जांच की थी। बुधवार को भी यह टीम तीसरी बार जांच करने पहुंची।
मंगलवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के नेतृत्व में स्पेशल टीम ने जांच की थी। बुधवार को भी यह टीम तीसरी बार जांच करने पहुंची।
3 दफ्तरों में हेल्थ डायरेक्टोरेट के अधिकारी-कर्मचारी होंगे शिफ्ट
सतपुड़ा भवन में आग लगने से आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना और स्वास्थ्य संचालनालय का दफ्तर जल गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने सतपुड़ा भवन में लगने वाले सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की मंगलवार-बुधवार को छुट्टी रखी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बैठने के लिए अलग-अलग दफ्तरों में व्यवस्था की गई है।

ये अधिकारी अमले के साथ यहां बैठेंगे…

भोपाल सीएमएचओ के नए ऑफिस में बैठेंगे ये अधिकारी-कर्मचारी

स्वास्थ्य संचालक दिनेश श्रीवास्तव 4 कर्मचारियों सहित बैठेंगे।
एडिशनल डायरेक्टर मल्लिका निगम नगर भोपाल अविज्ञप्त शाखा के 16 कर्मचारियों के साथ कामकाज करेंगी।
अपर संचालक अजीजा सर शाह जफर विज्ञप्त शाखा के 20 कर्मचारियों के साथ बैठेंगी।
वरिष्ठ संयुक्त संचालक वंदना खरे परिवार कल्याण और निवेश शाखा के 8 कर्मचारियों के साथ कामकाज करेंगी।
वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. अभय खरे कार्यालय स्थापना और सामान्य शाखा के 20 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
संयुक्त संचालक डॉ. राजीव बजाज नर्सिंग शाखा के 14 कर्मचारियों के साथ बैठेंगे।
संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी लोक सेवा गारंटी, जन स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों के साथ बैठेंगी।

आग लगने से सतपुड़ा भवन की बिल्डिंग के स्ट्रक्चर पर काफी असर पड़ा है। स्पेशल टीम ने इस पॉइंट को भी अपनी जांच में शामिल किया है।
आग लगने से सतपुड़ा भवन की बिल्डिंग के स्ट्रक्चर पर काफी असर पड़ा है। स्पेशल टीम ने इस पॉइंट को भी अपनी जांच में शामिल किया है।
बिल्डिंग के स्ट्रक्चर को काफी नुकसान, सरिए-पिलर दिखने लगे

सतपुड़ा भवन में सोमवार शाम करीब 4 बजे लगी आग 20 घंटे तक सुलगती रही थी। आग से बिल्डिंग के स्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। अंदर के पिलर और सरिए तक दिखाई देने लगे हैं। बाहर से प्लास्टर उखड़ गया है। ऐसे में कोई अनहोनी का डर हमेशा बना रहेगा।

इधर, बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के इंतजाम न होने से भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इमारत के अंदर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। मेन गेट पर पुलिस तैनात कर दी गई। एहतियातन बुधवार को भी यहां संचालित दफ्तरों में अवकाश रखा गया। फिलहाल, हेल्थ डायरेक्टोरेट को तीन जगहों पर संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

FSL के एक्सपर्ट भी साथ हाई लेवल कमेटी ने मंगलवार को दो बार घटना की जांच की थी। कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को सतपुड़ा भवन में तीसरी से छठी मंजिल का निरीक्षण किया था। बुधवार को यह टीम दोबारा यहां पहुंची। इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, PWD के E&M विंग और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के एक्सपर्ट्स जांच में शामिल हैं। मंगलवार को FSL टीम ने यहां से करीब आधा दर्जन सैंपल लिए थे। अधिकारी-कर्मचारियों के बयान भी लिए गए थे।

आग से सतपुड़ा भवन के दफ्तरों में रखा सारा सामान जल गया। 12 हजार से ज्यादा फाइलें भी खाक हो गई हैं।
एमपी का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी दफ्तर
मध्यप्रदेश सरकार के दूसरे सबसे बड़े सरकारी दफ्तर सतपुड़ा भवन में सोमवार शाम करीब 4 बजे आग लगी थी। इस पर करीब 20 घंटे में काबू पाया जा सका। तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल के दफ्तर भी पूरी तरह जल गए। घटना को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को रिव्यू मीटिंग भी की थी।

सतपुड़ा भवन के इस हिस्से में आग लगी थी।
कांग्रेस हमलावर हुई तो कर्मचारियों ने भी सवाल उठाए
सतपुड़ा भवन में आग लगने से कई रिकॉर्ड भी जल गए। कोविड रिकॉर्ड समेत लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और अन्य शिकायतें भी आग की भेंट चढ़ गई। इस कारण कांग्रेस शिवराज सरकार पर हमलावर हो गई है। आग लगने के पीछे कांग्रेसियों ने बड़ी साजिश को कारण बताया है। वहीं, कर्मचारी संघों ने भी इस घटना पर सवाल उठाए हैं।

मप्र कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडेय और कर्मचारी सुधीर नेमा।
दूसरी इमारतों में भी फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं
सतपुड़ा भवन में आग के बाद अन्य सरकारी बिल्डिंगों में भी फायर सेफ्टी के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मप्र कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि सतपुड़ा भवन अग्निकांड की न्यायिक जांच एवं कर्मचारियों की समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए। सतपुड़ा के अलावा विध्यांचल और पुराने वल्लभ भवन में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में हजारों अधिकारी-कर्मचारी खतरा उठाकर काम करने को मजबूर हैं।

कर्मचारी सुधीर नेमा ने बताया कि आग लगने के दौरान फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं दिखे। फायर ब्रिगेड भी आधा-पौन घंटे बाद आई, जबकि विध्यांचल से सतपुड़ा आने में पांच मिनट भी नहीं लगते हैं। इस कारण आग तेजी से फैल गई। एक मंजिल से ऊपरी मंजिल में पहुंची आग हवा से बेकाबू हो गई। यहां आग बुझाने के इंतजाम होते तो इसे पहले ही बुझा लिया जाता।

आगजनी के दौरान बिल्डिंग में से आग की ऐसी लपटें उठी थीं।
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सतपुड़ा की आग 20 घंटे बाद शांत:लोकायुक्त -EOW जांच वाली फाइलों के साथ ही 40 हजार दस्तावेज भी राख

सतपुड़ा बिल्डिंग में लगी आग बुझ गई। अब आरोपों की लपटें तेज हैं। स्वास्थ्य विभाग में ईओडब्ल्यू-लोकायुक्त से जुड़ी जांच की फाइलों के साथ 40 हजार फाइलें खाक हो गई हैं। इनमें बोरों में भरी उन फाइलों की कतरनें भी हैं, जिन्हें एक सप्ताह में मशीन से नष्ट किया गया है। जांच के बाद स्थिति साफ होगी कि गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज तो राख में नहीं बदल गए।

43 साल का रिकॉर्ड खाक, रिकवरी के चांस कम

भोपाल के सतपुड़ा भवन में हुए अग्निकांड में स्वास्थ्य विभाग का पिछले 43 साल का रिकॉर्ड स्वाहा हो गया। अकेले स्वास्थ्य विभाग की ही करीब 25 हजार फाइलें जल गईं। सरकार से लेकर विभागीय अफसरों का दावा है कि जली हुई फाइलों का डाटा रिकवर कर लिया जाएगा, लेकिन हकीकत इससे उलट है। हकीकत ये है कि वर्तमान में फाइलों के रिकवर होने के चांस 50-50 हैं। हां, अगर ई-ऑफिस सिस्टम लागू होता, तो शायद पूरी फाइलें रिकवर हो सकती थीं। अफसरों की मनमानी के चलते ऐसा नहीं हो सका।

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