Breaking Newsअन्य खबरेंअपराध

भोपाल फतेहगढ़ इस्थित एक दुकान से हटा सालो से जमा अवैध कब्जा

भोपाल फतेहगढ़ इस्थित एक दुकान से हटा सालो से जमा अवैध कब्जा

भोपाल। नगर निगम ने अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अभियान चलाया है. इस सिलसिले में फतेहगढ़ एक चाय की दुकान के पास एक दुकान न ५ का ताला तोड़ कर निगम ने उसे कब्जे से मुक्त किया. साथ ही दुकान में रखे सभी सामान को भी बाहर कर दिया गया. निगम अमले ने बताया कि ” एक सय्यद अहमद अली नाम के व्यक्ति ने इस दुकान पर जबरदस्ती कब्जा करके रखा था. जबकि निगम ये दुकान किसी दूसरे को आबंटित थी. ऐसे में असली हकदार को दुकान सौंपने का दबाव था. जिसके बाद ये सख्त कार्रवाई की गई है.”

कहां हुई कार्रवाई

फतेहगढ़ पुराने भोपाल के पास स्थित नगर निगम की प्रॉपर्टी में जबरदस्ती कब्जा करने वाले सय्यद अहमद अली है, दुकान का ताला तोड़ने के बाद निगम ने सारा सामान बाहर कर दिया है. लेकिन मामले की पड़ताल करने पर पता चला कि दुकान नंबर-4 का आवंटन अब्दुल अजीज को हुआ था, जिनके देहांत उपरांत उक्त दुकान में उनके पुत्र नईम के द्वारा रेडीमेड गारमेन्ट का संचालन किया जा रहा था नईम के आकस्मिक देहांत उपरांत सैय्यद अहमद अली के द्वारा दुकान नंबर-4 के आगे काॅरीडोर में पान की गुमटी का संचालन करता था तथा रात्रि में उसको नईम से निवेदन कर उसकी दुकान में रख देता था किन्तु नईम के आकस्मिक देहांत उपरांत सैय्यद अहमद अली के मन में लालच आ जाने से उनके द्वारा अब्दुल सलीम व अन्य के विरूद्ध एक व्यवहारवाद प्रस्तुत कर एक फर्जी गोमाश्ता क्रमांक-95720/डी-121/2007 का पान की दुकान का कूटरचित कर प्रस्तुत किया, जिसकी जांच न्यायालय द्वारा की गई तथा न्यायालय द्वारा जांच में सैय्यद अहमद अली के विरूद्ध धारा-340 दं.प्र.सं. के तहत परिवाद पंजीबद्ध कर धारा-471 के तहत द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय के न्यायालय में सत्र प्रकरण क्रंमाक-319/2019 के रूप में पंजीबद्ध कर सैय्यद अहमद अली को दिनंाक 08.01.2020 को 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 05 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया, जिसके विरूद्ध सैय्यद अहमद अली के द्वारा उच्च न्यायालय से 02 वर्ष के सश्रम कारावास हेतु जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सी.आर.ए. 719/2020 में सैय्यद अहमद को जमानत पर रिहा किया गया है। इस प्रकार वर्तमान में सैय्यद अहमद उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं। इस प्रकार सैय्यद अहमद को न्यायालय द्वारा दंडित किए जाने के उपरांत भी उनके द्वारा आयुक्त नगर निगम, भोपाल के समक्ष छद्म तरीके से एक आवेदन-पत्र दुकान क्रंमाक-4 को स्वयं के नाम आवंटित किए जाने हेतु प्रस्तुत किया, जिसमें वास्तविक आवंटी अब्दुल अजीज के वारिसों को कोई जानकारी नहीं थी, जिस पर आयुक्त द्वारा दिनांक 24.05.2022 को जो वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए सैय्यद अहमद द्वारा लिया गया था, उसे आयुक्त नगर निगम, भोपाल द्वारा दिनांक 21.09.2022 को आदेश पारित करते हुए मूल आवंटी अब्दुल अजीज की मृत्यु हो जाने से उनके वारिसान अब्दुल सलीम, अब्दुल अजीज, तनवीर जहां, नाहिद, फरहान, अफरोज, परवीन, रेहाना, शगुफ्ता का नामंातरण स्वीकृत किया, जिसके विरूद्ध सैय्यद अहमद के द्वारा महापौर के समक्ष धारा-401 नगर पालिक निगम के तहत अपील समिति के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई, जिसका निराकरण अपील समिति द्वारा दिनांक 22.08.2023 को करते हुए अहमद की अपील को निरस्त कर दिया है तथा अहमद द्वारा ग्यारहवें व्यवहार न्यायाधीश के समक्ष नगर निगम के विरूद्ध नियमित व्यवहारवाद क्रंमाक-1198-ए/2022 प्रस्तुत कर धारा-151 के तहत यथास्थिति बनाये जाने का आवेदन दिनांक 29.09.2023 को दिया, जिस पर दिनंाक 30.09.2023 को अहमद का आवेदन अंतर्गत धारा-151 व्यवहार प्रक्रिया संहिता 1908 का निरस्त कर दिया था,

जिसके उपरांत आयुक्त नगर निगम, भोपाल के द्वारा महापौर एवं अध्यक्ष अपील समिति के द्वारा दिनांक 22.08.2023 एवं आयुक्त नगर निगम, भोपाल द्वारा पारित निर्णय दिनांक 21.09.2022 के परिपालन में दुकान नंबर-04 पर जो अवैध कब्जे के रूप में अहमद अली को हटाकर खाली करवाया गया, जिसे पुलिस बल एवं शासकीय कर्मचारियों व नगर निगम कर्मचारियों के द्वारा दुकान क्रमांक-4 अन्नपूर्णा भवन का आधिपत्य प्राप्त कर उसे सीलबंद कर दिया है, बहरहाल नगर निगम की इस कार्यवाई से कब्जाधारियों में हड़कंप है.

Related Articles

Back to top button