Chhattisgarh Election 2023 Results: CM भूपेश बघेल ने इस्तीफा सौंपा, बीजेपी ने 54 सीटें जीतीं, कांग्रेस को सिर्फ 35
Chhattisgarh Election 2023 Results: CM भूपेश बघेल ने इस्तीफा सौंपा, बीजेपी ने 54 सीटें जीतीं, कांग्रेस को सिर्फ 35


रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रविवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और कहा कि वह लोगों के जनादेश का सम्मान करते हैं, उनकी पार्टी विपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका निभाएगी.
वह राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं से बात कर रहे थे.बघेल ने कहा, मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हमें पांच साल पहले जनादेश मिला था और हमने बहुत ईमानदारी से लोगों की सेवा की. इस बार हमें जो जनादेश मिला है, हम उसका सम्मान करते हैं. चूंकि अब हम विपक्ष में हैं, इसलिए हम विपक्ष की भूमिका सकारात्मक रूप से निभाएंगे.
भाजपा ने रविवार को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और राज्य विधानसभा की 90 सीटों में से 54 सीटें जीत लीं, जबकि सबसे पुरानी पार्टी को 35 सीटें मिलीं, जो पिछले चुनाव में मिली 68 सीटों से बहुत दूर है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट जीती. करारी हार से आहत होकर, भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.बघेल ने भाजपा के विजय बघेल को 19,723 वोटों से हराकर अपनी पाटन विधानसभा सीट बरकरार रखी.
कांग्रेस की हार के कारणों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, यह समीक्षा के बाद पता चलेगा, लेकिन लोगों ने जो जनादेश दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जनादेश मिला है और मैं उन्हें बधाई देता हूं.
इधर राजभवन ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से आज रात राजभवन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुलाकात की तथा विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा. राजभवन ने बताया कि राज्यपाल हरिचंदन ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें नयी सरकार के गठन तक दायित्व निर्वहन करने को कहा है.
उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव 94 मतों के अंतर से हार गए
छत्तीसगढ़ के निवर्तमान उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव अंबिकापुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के राजेश अग्रवाल से 94 मतों के अंतर से हार गए. 2018 के चुनाव में देव ने बीजेपी के अनुराग सिंह देव को 39,624 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी. 26 विधानसभा सीटों वाले सरगुजा और बस्तर के दो आदिवासी बहुल संभाग, जिन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शानदार जीत में बड़ा योगदान दिया था, इस बार भाजपा के पास चले गए हैं.
भाजपा ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटें जीत ली
2023 के चुनावों में भाजपा ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटें जीत ली हैं. बीजेपी ने अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, प्रतापपुर, रामानुगंज, सामरी, लुंड्रा, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, भटगांव, भरतपुत-सोनहत और पत्थलगांव खंड से जीत हासिल की है. भाजपा द्वारा किए गए वादे, जिसे उसने मोदी की गारंटी 2023′ के रूप में प्रचारित किया था, उसने आदिवासी बहुल राज्य में उसके पक्ष में काम किया है, जहां वह प्रचंड बहुमत हासिल किया है.
2018 में कांग्रेस ने सरगुजा संभाग में आरक्षित नौ सहित सभी 14 सीटें जीतीं थी
2018 के चुनावों में कांग्रेस ने सरगुजा संभाग में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नौ सहित सभी 14 सीटें जीतीं. बस्तर संभाग में 12 सीटें हैं, जिनमें से 11 एसटी के लिए आरक्षित हैं. 2018 के चुनावों में कांग्रेस ने इन 12 सीटों में से 11 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा केवल दंतेवाड़ा में जीतने में सफल रही थी.
बीजेपी ने इस बार ‘मोदी की गारंटी 2023’ नाम से लोकलुभावन वादे किए
बीजेपी ने इस बार अपने घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के लिए ‘मोदी की गारंटी 2023’ नाम से लोकलुभावन वादे किए हैं. इनमें प्रति एकड़ 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल धान की खरीद और महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को 12,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता शामिल है. छत्तीसगढ़ में भाजपा को चुनने के लिए जनता जनार्दन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नतीजे संकेत देते हैं कि भारत की जनता मजबूती से सुशासन और विकास की राजनीति के साथ है. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, ”छत्तीसगढ़ के आदिवासी, गरीब, किसान बहनों और भाइयों ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया है और बीजेपी को प्रचंड बहुमत का आशीर्वाद दिया है.
भाजपा सीएम पद के उम्मीदवार के बिना ही चुनाव में उतरी
7 और 17 नवंबर को दो चरणों में हुए राज्य विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में विभाजित थी, लेकिन उसने सीएम भूपेश बघेल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी, राज्य मंत्री टीएस सिंह देव को ऊपर उठाकर मतभेदों को कम करने की कोशिश की. इस साल भाजपा सीएम पद के लिए स्पष्ट उम्मीदवार के बिना ही चुनाव में उतरी.
2018 में कांग्रेस ने बीजेपी के 15 साल के सफर को खत्म कर दिया था
2018 के चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी के सत्ता में आने के 15 साल के सफर को खत्म कर दिया था और भूपेश बघेल सीएम बने थे. 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 71, भाजपा के 13, जेसीसी (जे) के 3 और बसपा के 2 सदस्य हैं जबकि एक सीट खाली है. एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती रविवार सुबह 8 बजे शुरू हुई, सुरक्षाकर्मी राज्य के 33 जिलों में मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जिनमें वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिले भी शामिल हैं.
2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मजबूत सत्ता विरोधी लहर का फायदा मिला था
कांग्रेस 2018 में 90 सदस्यीय विधानसभा में 68 सीटों के साथ विजयी हुई थी, जिससे भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया था, जो सिर्फ 15 सीटें जीत सकी थी. 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी लहर और सबसे पुरानी पार्टी के मुफ्त और कल्याणकारी उपायों के वादे के कारण भारी जीत दर्ज की थी.



