सेहत में सुधार के बाद सिमी के दोनों बंदियों को जेपी से वापस जेल के अस्पताल में किया भर्ती
सेहत में सुधार के बाद सिमी के दोनों बंदियों को जेपी से वापस जेल के अस्पताल में किया भर्ती


भोपाल। राजधानी में स्थित सेंट्रल जेल में बंद प्रतिबंधित संगठन प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) के चार सदस्य विभिन्न मांगों को लेकर आठ जनवरी से भूख हड़ताल कर रहे हैं।
उनमें से दो की हालत बिगड़ने पर उन्हें गुरुवार शाम को जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती किया गया था। चिकित्सकों ने उन्हें 24 घंटे तक निगरानी में रखा। सेहत में सुधार होने के बाद शुक्रवार शाम को दोनों को फिर से सेंट्रल जेल भेज दिया गया। चारों फिलहाल जेल के अस्पताल में भर्ती हैं।
छावनी बन गया था अस्पताल
गुरुवार को सेंट्रल जेल से अबू फैसल और कमरूद्दीन को कड़ी सुरक्षा में लाकर जेपी अस्पताल के सी-ब्लाक स्थित प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया गया था। सुरक्षा और निगरानी के लिए वहां कई सीसीटीवी लगाने के साथ एक सुरक्षा दीवार भी खड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा प्राइवेट वार्ड के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी बन गया था। सादा वर्दी में भी कई पुलिसकर्मी वहां लगातार गश्त कर रहे थे। किसी भी व्यक्ति के वहां जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। शुक्रवार दोपहर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जेपी अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा इंतजाम की जानकारी ली थी।
इन मांगों को लेकर कर रहे भूख हड़ताल
जानकारी के मुताबिक सिमी के ये आतंकी विभिन्न मांगों को लेकर आठ जनवरी से भूख हड़ताल पर हैं। जेल में यहां सिमी गुट के कुल 23 लोग बंद हैं। इनमें से सिर्फ दो विचाराधीन हैं। शेष 21 को सजा हो चुकी हैं। इनमें से छह को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। 23 में चार अबू फैसल, कमरूद्दीन, शिवली और कामरान ने भूख हड़ताल कर रखी है। इनकी मांग है कि इन्हें सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए। हर दिन अखबार पढ़ने को मिले। जेल की सेल में लायब्रेरी की व्यवस्था की जाए। उन्हें आम बंदियों की तरह जेल परिसर में टहलने की अनुमति दी जाए। उन्हें हाथ घड़ी दी जाए। जेल प्रबंधन के मुताबिक सभी खूखांर अपराधी हैं। उनकी इस तरह की मांगें को जेल की सुरक्षा की दृष्टि से गैरकानूनी और खतरनाक हैं।
तरल भोजन छोड़ने से बिगड़ी थी तबीयत
जेल प्रबंधन से मिली जानकारी अनुसार सिमी गुट के चार लोग आठ जनवरी से हड़ताल पर हैं। शुरूआत में यह तरल भोजन ले रहे थे। पिछले एक सप्ताह से इन लोगों ने तरल भोजन लेना भी बंद कर दिया था। जिससे इनकी तबीयत बिगड़ गई थी। गुरुवार को हमीदिया व जेपी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा जेल में ही इनका परीक्षण किया गया तो पाया कि उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। चिकित्सकों की सलाह पर जेल प्रबंधन ने अबू फैसल और कमरूद्दीन को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया था।
दोनों आतंकियों को इलाज दिया गया, ड्रिप वगैरह चढ़ाई गई। 24 घंटे से भी कम समय में उनके स्वास्थ्य में वृद्धि हुई, जिसके बाद दोनों आतंकियों को डिस्चार्ज कर दिया गया।
– डा. योगेन्द्र श्रीवास्तव, चिकित्सक जेपी अस्पताल
चिकित्सकों की सलाह पर हमने जेल मुख्यालय से अनुमति ली और सिमी गुट के दो लोगों को जेपी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। डिस्चार्ज के बाद दोनों को फिर से जेल में बंद किया गया है। उन्हे जेल के अस्पताल में रखा गया है।
– राकेश कुमार भामरे, जेल अधीक्षक
विशेष संवाददाता, ज़ीशान मुजीब



