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आखिर क्यों US ने 104 भारतीय प्रवासियों के लिए खर्च किए 6 करोड़ रुपये, सच आया सामने, ट्रंप का था सारा खेल

आखिर क्यों US ने 104 भारतीय प्रवासियों के लिए खर्च किए 6 करोड़ रुपये, सच आया सामने, ट्रंप का था सारा खेल

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा अवैध रूप से घुसे भारतीय नागरिकों को वापस भेजने के लिए यूएस एयरफोर्स का पहला सी-17 ग्लोबमास्टर विमान आज दोपहर पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड किया।

इस विमान में 104 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें 11 चालक दल के सदस्य और 45 अमेरिकी अधिकारी शामिल थे। विमान 4 फरवरी को सुबह 3 बजे टेक्सास के सैन एंटोनियो से रवाना हुआ था।

इन राज्यों के नागरिक थे शामिल

विमान में सवार यात्रियों में हरियाणा, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के नागरिक शामिल हैं। गुजरात और हरियाणा से 33-33 नागरिक हैं, वहीं पंजाब से 30, महाराष्ट्र से 3 और उत्तर प्रदेश व चंडीगढ़ से दो-दो नागरिक हैं। इनमें 25 महिलाएं, 12 नाबालिग और एक चार वर्षीय बच्चा भी शामिल है। साथ ही, 48 नागरिक 25 वर्ष से कम आयु के हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार अहम मुद्दा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान अवैध अप्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया था। इसके बाद, 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के समय उन्होंने अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय ही नहीं, बल्कि ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास से भी प्रवासियों को वापस भेजने के लिए अमेरिकी सैन्य विमान तैनात किए गए हैं,शायद यही कारण है कि अमेरिका ने अवैध रूप से घुसे भारतीय नागरिकों पर लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए, क्योंकि ट्रंप ने चुनावों के दौरान इस मुद्दे का जोरदार प्रचार किया था।

पहली बार ऐसा हुआ

यह पहला अवसर है जब अमेरिका ने अवैध अप्रवासियों को वापस भेजने के लिए सैन्य विमान का उपयोग किया है। सी-17 ग्लोबमास्टर विमान पर लगभग 6 करोड़ रुपये का खर्च आया, जो एक चार्टर्ड उड़ान से लगभग छह गुना अधिक शौचालय की व्यवस्था है और अमेरिकी सैनिकों के लिए सीटों का इंतजाम किया गया है। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका अपनी सीमा और आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू कर रहा है, हालांकि उन्होंने इस मामले के विशिष्ट विवरण साझा करने से मना किया।

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