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नमाज़ के वक्त बदला माहौल-लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदू छात्र बने मुस्लिम छात्रों की ढाल, वीडियो ने मचाया तहलका

नमाज़ के वक्त बदला माहौल-लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदू छात्र बने मुस्लिम छात्रों की ढाल, वीडियो ने मचाया तहलका

हिंदू मुस्लिम भाईचारा की अनोखी तस्वीर लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस से सामने आई
मस्जिद बंद होने के बाद खुले में नमाज पढ़ते मुस्लिम छात्रों की सुरक्षा में खड़े दिखे हिंदू छात्र
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लाखों लोगों ने की सराहना

नफरत फैलाने वाली सोच पर भारी पड़ा इंसानियत का संदेश
प्रशासन के फैसले और रिनोवेशन को लेकर उठे कई सवाल
लखनऊ से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हिंदू मुस्लिम भाईचारा को लेकर देशभर में नई बहस और उम्मीद दोनों जगा दी हैं। जब चारों तरफ नफरत, अविश्वास और सांप्रदायिक जहर फैलाने की कोशिशें हो रही हों, तब ऐसे दृश्य समाज के लिए किसी राहत की सांस से कम नहीं होते। यह वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस भारत की तस्वीर है जहां इंसानियत अभी जिंदा है और हिंदू मुस्लिम भाईचारा केवल नारा नहीं, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देता है।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में क्या है पूरा मामला?

वीडियो लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित वर्षों पुरानी ऐतिहासिक लाल बारादरी मस्जिद का दरवाजा प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया था। बताया गया कि मस्जिद में रिनोवेशन का कार्य चल रहा है, जिसके चलते वहां नमाज अदा करने पर रोक लगाई गई।

जब नमाज का वक्त हुआ तो मुस्लिम छात्र असमंजस में पड़ गए। ऐसे में उन्होंने किसी टकराव या विवाद का रास्ता चुनने के बजाय खुले परिसर में ही नमाज अदा करने का फैसला किया। यहीं से हिंदू मुस्लिम भाईचारा की वह तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

नमाज के दौरान बना इंसानियत का सुरक्षा घेरा

मुस्लिम छात्रों ने जब खुले स्थान पर नमाज शुरू की, उसी दौरान हिंदू छात्र उनके चारों ओर खड़े हो गए और एक मानवीय चेन बना ली। इसका मकसद सिर्फ इतना था कि नमाज अदा कर रहे छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी या व्यवधान का सामना न करना पड़े।

यह दृश्य अपने आप में हिंदू मुस्लिम भाईचारा की जीती-जागती मिसाल था। न कोई नारा, न कोई राजनीतिक भाषण-सिर्फ खामोशी से निभाई गई इंसानियत। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखता है कि किस तरह हिंदू छात्र गंभीरता और सम्मान के साथ सुरक्षा घेरा बनाए खड़े हैं।

प्रशासन के फैसले पर उठे सवाल

मस्जिद बंद होने की वजह क्या थी?

प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी मस्जिद में रिनोवेशन का काम चल रहा है, इसलिए एहतियातन दरवाजा बंद किया गया। हालांकि छात्रों का आरोप है कि रिनोवेशन के नाम पर अचानक ताला जड़ देना सही नहीं था, खासकर जब नमाज का वक्त तय होता है।

पुलिस बल की तैनाती

स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन छात्रों का कहना है कि अगर संवाद होता तो मामला इतना नहीं बढ़ता। इसके बावजूद छात्रों ने संयम दिखाया और हिंदू मुस्लिम भाईचारा की राह चुनी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स के साथ यह वीडियो हिंदू मुस्लिम भाईचारा का प्रतीक बन चुका है।

एक यूजर ने लिखा, “हिंदू मुस्लिम भाईचारा जिंदाबाद, यही असली भारत है।”
दूसरे यूजर ने कहा, “नफरत फैलाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा।”
वहीं एक अन्य यूजर ने भावुक होकर लिखा, “इसलिए ही तो कहते हैं, मेरा भारत महान।”

राजनीति से दूर, समाज को जोड़ने वाला संदेश

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि छात्रों ने किसी भी राजनीतिक उकसावे से दूरी बनाए रखी। समाजवादी छात्र सभा से जुड़े कुछ छात्रों की मौजूदगी जरूर बताई जा रही है, लेकिन मौके पर दिखाई दिया सिर्फ हिंदू मुस्लिम भाईचारा और आपसी सम्मान।

आज के दौर में जब हर छोटी घटना को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, यह वीडियो बताता है कि नई पीढ़ी नफरत की नहीं, बल्कि समझदारी की भाषा बोलना चाहती है।

क्यों जरूरी है ऐसे उदाहरणों का सामने आना?

भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में हिंदू मुस्लिम भाईचारा केवल सामाजिक नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्य भी है। आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और खबरें वायरल होती हैं जो समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसे माहौल में लखनऊ यूनिवर्सिटी की यह घटना भरोसा दिलाती है कि जमीनी सच्चाई इससे कहीं बेहतर है।

युवाओं की भूमिका

इस घटना ने साफ कर दिया कि युवा वर्ग अब नफरत की राजनीति को समझ चुका है। वे जानते हैं कि असली लड़ाई धर्मों के बीच नहीं, बल्कि नफरत और इंसानियत के बीच है। और इस लड़ाई में हिंदू मुस्लिम भाईचारा ही सबसे मजबूत हथियार है।

क्या कहता है यह वीडियो देश को?

यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि भारत की आत्मा अभी जिंदा है। जब मस्जिद बंद हुई, तब भी किसी ने हिंसा का रास्ता नहीं चुना। जब नमाज खुले में पढ़ी गई, तब भी किसी ने विरोध नहीं किया। बल्कि हिंदू छात्रों ने आगे बढ़कर सुरक्षा दी।

यही वह भारत है, जहां हिंदू मुस्लिम भाईचारा सिर्फ किताबों या भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में सामने आकर खड़ा होता है।

नफरत के शोर में उम्मीद की आवाज

लखनऊ यूनिवर्सिटी का यह वीडियो आने वाले समय में हिंदू मुस्लिम भाईचारा की सबसे चर्चित मिसालों में गिना जाएगा। यह घटना बताती है कि अगर आम लोग चाहें, तो नफरत की राजनीति कितनी भी कोशिश कर ले, इंसानियत हारती नहीं है।

जब हवा में जहर घुलने लगता है, तब मोहब्बत और भाईचारा ही एयर प्यूरिफायर का काम करता है। और इस बार यह काम किया है लखनऊ यूनिवर्सिटी के उन छात्रों ने, जिन्होंने भारत की असली तस्वीर दुनिया के सामने रख दी।

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