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CM मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: 2300 करोड़ की मंजूरी, स्कूटी योजना 2031 तक जारी; डाटा सेंटर, हरित नगर और पुनर्वास को मिली बड़ी सौगात

CM मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले: 2300 करोड़ की मंजूरी, स्कूटी योजना 2031 तक जारी; डाटा सेंटर, हरित नगर और पुनर्वास को मिली बड़ी सौगात

भोपाल: एमपी सरकार ने विकास और जनकल्याण को लेकर बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करीब 2300 करोड़ रुपये की योजनाओं को हरी झंडी मिली।

स्कूटी योजना से लेकर 800 करोड़ के स्टेट डाटा सेंटर, हरित नगर योजना और डूब प्रभावितों के पुनर्वास तक कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी।

सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट में जनकल्याण, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण, उद्योग और पुनर्वास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने प्रदेश में विभिन्न विकास एवं जनहित परियोजनाओं के लिए करीब 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। बैठक में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने, स्टेट डाटा सेंटर 3.0 के विस्तार, नमो हरित-नगर योजना, डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विज्ञान एवं तकनीक से जुड़ी योजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए। योजना के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी का लाभ मिलता रहेगा। प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए स्टेट डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के तहत डाटा सेंटर का आधुनिकीकरण, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और डिजास्टर रिकवरी सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, जिससे नागरिक सेवाएं और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बन सकेंगी।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ‘नमो हरित-नगर योजना’ को मंजूरी देते हुए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे, जिससे हरित क्षेत्र बढ़ाने और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को बेहतर पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।

विज्ञान-तकनीक के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति

विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भी बड़े निर्णय लिए गए। विज्ञान पार्क, बायोटेक्नोलॉजी पार्क और एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के संचालन और विस्तार के लिए 123 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। वहीं उज्जैन में आधुनिक तारामंडल और खगोलीय वेधशाला विकसित करने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ाया गया।
इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 संशोधन को मंजूरी

बैठक में मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित नीति का उद्देश्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना तथा निवेशकों के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल और आकर्षक बनाना है।
इन प्रस्तावों पर भी अहम निर्णय लिया गया

इसके अलावा स्वामित्व योजना के तहत अभिलेख पंजीयन पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क में छूट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक-2026, विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभागीय स्तर पर सीधी भर्ती, खाद्यान्न निस्तारण नीति-2026 और लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।

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