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अपने बचपन के दोस्त संजय गांधी के नाम पर सीएम कमलनाथ ने शुरू की पहली योजना


भोपाल। पर्यावरण को बचाने के लिए शुरू किए जा रहे संजय गांधी पर्यावरण मिशन के लिए सभी विभागों को बजट की एक-एक फीसदी राशि देना होगी। इस राशि से हर साल मध्य प्रदेश में एक करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। ऐसा पांच साल तक चलेगा। वहीं, सरकार वृक्ष काटने के नियम भी कड़े करने जा रही है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने बचपन के मित्र स्व. संजय गांधी के नाम पर यह पहली योजना शुरू कर रहे हैं। योजना के तहत हर साल एक करोड़ पौधे रोपने के लिए विभागों को अपने बजट में से एक फीसदी राशि देनी होगी। इसके लिए सरकार अलग से कोई बजट नहीं देगी। योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कटाक्ष किया है कि कमलनाथ सरकार भाजपा शासनकाल की योजनाओं को नया नाम देकर खुद की ब्रांडिंग कर रही है।
योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार 172 करोड़ के कैंपा फंड का इस्तेमाल करेगी और जिला सरकार के एजेंडे में भी इसे शामिल करेगी। नगरीय निकायों में हार्टिकल्चर का कॉन्सेप्ट लाने और विद्यार्थियों को वृक्ष मित्र बनाकर पौधे लगवाने पर भी जोर दिया जा रहा है, जो विद्यार्थी वृक्ष मित्र नहीं बनेंगे उनकी डिग्रियां रोकने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार पांच ब्लॉक के बीच एक ईको-स्मार्ट विलेज तैयार करेगी। योजना को मूलत: एप्को (पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन) ने तैयार किया है। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल ने बुधवार को मुख्य सचिव एसआर मोहंती के सामने योजना का प्रस्तुतिकरण दिया था। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी इसे शामिल किया था।
मुख्य सचिव के कक्ष में हुई बैठक में विभिन्न् योजनाओं के लिए कटने वालों वृक्षों के बदले पांच से 10 गुना पौधे लगाने और उन पौधों की वृक्ष बनने तक लगातार मॉनीटरिंग पर चर्चा हुई है। बैठक में स्मार्ट सिटी, मेट्रो प्रोजेक्ट सहित अन्य योजनाओं के लिए वृक्ष कटने पर चिंता जताई गई। सीएस ने अफसरों को विकास और पर्यावरण में समन्वय बनाकर काम करने को कहा है। बैठक में वृक्ष कटने के नियम कड़े करने, निकायों में वृक्षों के लिए अलग सेल बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मौजूद वन अफसरों ने शहरी क्षेत्रों में सघन पौधरोपण करने की सलाह दी।

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