राहुल गांधी की तरह इस्तीफा नहीं देंगे तेजस्वी, जानिए लालू की पार्टी ने क्यों कहा ऐसा


पटना। लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से तेजस्वी यादव पर सवाल उठ रहे हैं। पांच हफ्ते गायब रहने के बाद जब लौटे तो सवाल उठे कि क्या वे भी राहुल गांधी की तरह इस्तीफा दे देंगे? कांग्रेस ने भी कहा कि तेजस्वी को नैतिकता के आधार पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, लेकिन RJD ने गुरुवार को इसका जो जवाब दिया, उससे दोनों दलों के रिश्ते बिगड़ सकते हैं। RJD विधायक और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा, तेजस्वीर ऐसे नेता नहीं हैं जो विपक्ष को बीच मझधार में छोड़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग जाए। अगर हमारे नेता ने इस्तीफा दिया तो हम सभी विधायक भी सामूहिक इस्तीफा देंगे। राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में राजद के खराब प्रदर्शन के बावजूद पार्टी तेजस्वी यादव के नेतृत्व को स्वीकार करती है।
इससे पहले विधानमंडल के मानसून सत्र में गुरुवार को शिरकत करने पहुंचे तेजस्वी को कांग्रेस के दो विधायक अजीत शर्मा और राजेश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष पद से मुक्त होने के लिए प्रेरित किया। अजीत शर्मा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की अगर जीत होती तो अभी सब मिलकर जश्न मना रहे होते। इसी तरह पराजय के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
RJD विधायक और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा, तेजस्वीर ऐसे नेता नहीं हैं जो विपक्ष को बीच मझधार में छोड़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग जाए।
तेजस्वी यादव को भी राहुल गांधी का अनुकरण करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इससे आम जनता में तेजस्वी का सम्मान बढ़ सकता है। कांग्र्रेस विधायक राजेश कुमार ने भी इशारों में तेजस्वी से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि हार की जिम्मेदारी किसी एक की नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष की तरह गठबंधन के अन्य साथी दलों को भी साहसिक फैसला लेने पर विचार करना चाहिए। राजेश का इशारा तेजस्वी की तरफ था। कांग्र्रेस की मांग का भाजपा ने भी समर्थन किया है।



