गैंग ऑफ ब्लैकमेलर्स / एफआईआर के 10 दिन पहले किराए पर लिया था गाजियाबाद का फ्लैट, डीजीपी से कोई परेशानी नहीं : शर्मा


इंदौर . हनी ट्रैप कांड के दौरान चर्चा में आए लोक अभियोजन संचालक पुरुषोत्तम शर्मा बुधवार को बैठक लेने इंदौर आए। इस दौरान जब उनसे सवाल-जवाब हुए तो वे टालने लगे। बोले- हनी ट्रैप कांड के 10 दिन पहले ही गाजियाबाद का फ्लैट पुलिसकर्मियों के लिए किराए पर लिया था। बाकी मुझे किसी से कोई परेशानी नहीं है। पुलिस संगठन तो पूरा परिवार है। कुछ समय पहले इस फ्लैट को हनी ट्रैप कांड से जोड़ा गया था, जिसके बाद शर्मा चर्चा में आ गए थे।
शर्मा ने इंदौर-उज्जैन संभाग के सभी लोक अभियोजन अधिकारियों की बैठक ली। कोर्ट में पेंडिंग केस के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई अफसरों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। झाबुआ और अन्य जगह के लोक अभियोजन अधिकारियों ने कहा कि उनके क्षेत्र में सामाजिक कुरीतियों के कारण न्यायालय में परेशानियां आती हैं। इस पर शर्मा ने कहा- ऐसी वहां की प्रथा है, लेकिन हम कोशिश करें कि वहां लोगों को न्याय मिले। कुछ अफसरों ने संसाधनों की कमी भी बताई। वहीं एक महिला अधिकारी ने कहा- वह जहां पदस्थ है, वहां टॉयलेट तक नहीं है। शर्मा ने कहा- जल्द ही वहां निर्माण करा दिया जाएगा।
ट्रांसफर पर बोले- सामान्य प्रक्रिया के तहत हुआ है : उधर, हनी ट्रैप केस के दौरान अपने एक बयान से चर्चा में आए एडीजी पुरुषोत्तम शर्मा से मीडिया ने विवाद के बाद हुए ट्रांसफर के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस हमारा परिवार है और उस परिवार में कुछ नहीं हुआ। एक सामान्य प्रोसेस के तहत यह ट्रांसफर हुआ है। डीजीपी से विवाद के मामले में बोले- ऐसा कुछ नहीं है।



