भोपाल / तीन श्रेणियों में बांटकर होगा पॉजिटिव मरीजों का इलाज; अस्पतालों में लक्षणाें के आधार पर अलग रखे जाएंगे काेराेना के मरीज


भोपाल. कोरोना पाॅजिटिव मरीजों को अब तीन लक्षणों के आधार पर श्रेणियों में बांटकर इलाज किया जाएगा। इसके लिए अस्पतालाें में आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सप्लाई, लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली डेडिकेटेड एंबुलेंस जैसी तमाम जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभी सभी काेराेना मरीजाें काे एक ही अस्पताल में रखकर इलाज किया जा रहा है। फिर चाहे उसमें काेराेना के लक्षण नजर आ रहे हाें या फिर नहीं। सिर्फ सैंपल जांच रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने पर मरीजाें काे अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। ऐसे में इस बात की आशंका बनी रहती है कि एक मरीज में काेई भी लक्षण नहीं हैं और दूसरे मरीज में गंभीर लक्षण हैं ताे बिना लक्षण वाला मरीज गंभीर रूप बीमार से संक्रमित हाे सकता है।
ये हाेंगी मरीजों व अस्पतालों की 3 श्रेणियां…
इसमें वे व्यक्ति हैं जिनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव ताे आया है, लेकिन वे स्वस्थ हैं और सामान्य नजर अा रहे हैं। इन अस्पतालाें में चिह्नित कोविड केयर सेंटर आएंगे। आपदा प्रबंधन संस्थान के रेस्ट हाउस में भी 24 बेड उपलब्ध हैं।
इसमें वे व्यक्ति आएंगे जिनका टेस्ट पॉजिटिव आने के साथ ही सर्दी, खांसी समेत संक्रमण के मध्यम लक्षण हैं। इन अस्पतालों में चिह्नित कोविड स्वास्थ्य केंद्र आएंगे जिनमें ऑक्सीजन सप्लाई अाैर लाइफ सपाेर्ट सिस्टम वाली डेडिकेटेड एंबुलेंस है। इस श्रेणी के अस्पतालाें में शामिल एम्स में 70 बेड, जीएमसी में 60 बेड, चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 500 बेड, बीएमएचआरसी में 40 बेड की सुविधा रहेगी।
इस श्रेणी में वे व्यक्ति आएंगे जिनकी रिपाेर्ट पाॅजीटिव आई हैं और हालत गंभीर है। इन अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सप्लाई, डेडीकेटेड एंबुलेंस विद लाइफ सपोर्ट सिस्टम और शव वाहन की व्यवस्था रहेगी। इस श्रेणी के अस्पतालाें में शामिल एम्स, जीएमसी, चिरायु व बंसल हैं।



