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Madhya Pradesh Coronavirus Update : मंत्रालय में कोरोना की दस्तक, जबलपुर गया कर्मचारी पॉजिटिव


भोपाल। सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के बाद मंत्रालय में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। पुराने भवन में संचालित वाणिज्यिक कर विभाग का बाबू पॉजिटिव मिला है। 27 मई तक ऑफिस में काम करने के बाद बाबू अपने घर जबलपुर गया तो जांच में पॉजिटिव आ गया।
शनिवार को यह खबर भोपाल पहुंचते ही मंत्रालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारी संघ के नेता और कार्यकर्ता मंत्रालय के तीनों भवनों की सील करने की मांग को लेकर मुख्य सचिव से मिले। वाणिज्यिक कर विभाग ने बाबू के संपर्क में रहे 18 कर्मचारियों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। अब इन कर्मचारियों की जांच कराई जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग ने भी स्वास्थ्य विभाग को गाइड लाइन के तहत कार्यवाही करने को कहा है। उधर, अब मंत्रालय के तीनों भवनों और परिसर को अंदर एवं बाहर से सैनिटाइज किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने बीते दिनों लॉकडाउन 4.0 की घोषणा के साथ सरकारी कार्यालय खोले हैं।
इनमें 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। सूत्र बताते हैं कि कोरोना पॉजिटिव आए संबंधित बाबू निर्धारित रोस्टर के मुताबिक ऑफिस आ रहे थे। तीन दिन पहले वे अपने घर जबलपुर गए तो रेड जोन जिले से आने के कारण खुद ही प्रशासन को सूचना दी। जांच में वे पॉजिटिव पाए गए। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित विभागों सहित कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्यवाही करने को लिखा है।
वहीं वाणिज्यिक कर और दूसरे विभागों के अफसरों से पॉजिटिव कर्मचारी के संपर्क में रहे अन्य कर्मचारियों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने को कहा है। कर्मचारी संघ चिंतित मामले में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि शासन ने तीनों भवनों को सील नहीं किया तो संघ को इस पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।
उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग में 100 फीसदी कर्मचारियों को बुलाने पर भी आपत्ति ली। बाबू के पॉजिटिव होने की खबर मिलते ही मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने शनिवार को मंत्रालय में जन जागरण अभियान चलाया।
विभाग ने छिपा ली जानकारी वाणिज्यिक कर विभाग के अफसर को बाबू के पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी दो दिन पहले मिल गई थी पर अफसरों ने इसे छिपा लिया। संबंधित बाबू ने खुद अफसरों को इसकी सूचना दी थी। इस मामले में शासन का भी बड़ी असफलता सामने आई है। 28 मई को जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी शासन को यह जानकारी जबलपुर प्रशासन की बजाय मंत्रालय के कर्मचारी संघ से मिली।

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