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मध्य प्रदेश में अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी:50 टन ऑक्सीजन देगा सेल, एमओयू हुआ, मप्र के पास होगा 180 टन का स्टॉक, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की मध्यस्थता


चार दिन पहले ऑक्सीजन संकट का सामना कर चुके मध्यप्रदेश में अब ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) अब प्रदेश को हर दिन 50 टन ऑक्सीजन सप्लाई करेगा। यह सप्लाई रविवार से शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में सेल से शनिवार को एक एमओयू किया है, जो केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मध्यस्थता से हुआ।
इसकी पुष्टि उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने की। उन्होंने बताया कि अब सरकार के पास हर दिन 180 टन ऑक्सीजन का स्टॉक रहेगा। उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले महाराष्ट्र सरकार ने मप्र को ऑक्सीजन की हर दिन होने वाली 10 टन की सप्लाई रोक दी थी, जिससे प्रदेश के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ा था। लेकिन, अब स्थिति इससे ठीक उलट हो गई है।
एक मरीज को 24 घंटे में लगती है औसतन 3 से 4 सिलेंडर ऑक्सीजन
उद्योग विभाग के अफसरों के मुताबिक प्रदेश कोविड अस्पताल में भर्ती एक मरीज को 24 घंटे में औसतन 3 से 4 सिलेंडर लगते हैं। इन अनुमान के अनुसार 300 भर्ती मरीजों को कोविड अस्पताल में रोजाना 1000 सिलेंडर लगेंगे। अभी संक्रमितों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। इसलिए सरकार ने हर दिन की जरूरत से 25 से 50% ज्यादा ऑक्सीजन स्टॉक करने का फैसला लिया है। सेल से जो ऑक्सीजन मिलेगी, वो सप्लायर्स के टैंकर्स में स्टोर की जाएगी। जरूरत बढ़ने पर सेल मप्र को 50 टन अतिरिक्त ऑक्सीजन सप्लाई करेगा।
हर जिले में होगी ऑक्सीजन की मॉनीटरिंग
राज्य सरकार ने सभी जिलों में ऑक्सीजन की डिमांड, सप्लाई और खपत की निगरानी करने जिला स्तर पर एक समिति बनाई है। यह समिति ऑक्सीजन सप्लायर्स के प्लांट, हॉस्पिटल्स की ऑक्सीजन डिमांड एवं स्टॉक की रोजाना निगरानी करेगी। साथ ही रोजाना प्रदेश स्तर पर ऑक्सीजन की निगरानी करने बनी स्टेट टास्क फोर्स को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।
अब महाराष्ट्र ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां हर दिन की जरूरत की 60% ऑक्सीजन मिल पा रही है। इस कारण ग्रामीण इलाकों में कोरोना मरीजों की मौत का ग्राफ बढ़ गया है। राज्य में 29 हजार कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है।

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