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बसपा के घोषित प्रत्‍याशी रामप्रसाद राजौरिया आम आदमी पार्टी में शामिल

मुरैना। बसपा के पूर्व में घोषित प्रत्याशी रामप्रकाश राजौरिया ने टिकट कटने के बाद बुधवार को आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने सदस्यता आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री व प्रदेश के प्रभारी गोपाल राय की उपिस्थत में ग्रहण की।

सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही आप के प्रदेश प्रभारी गोपाल राय ने घोषणा की कि रामप्रकाश राजौरिया मुरैना विधानसभा में पार्टी के प्रत्याशी होंगे। हालांकि पार्टी इस बात की घोषणा आगामी दिनों में करेगी। रामप्रकाश राजौरिया के आप से उम्मीदवार बनने से मुरैना विधानसभा सीट पर सभी दलों के प्रत्याशियों के समीकरण जरूर गड़बड़ा गए हैं।

उल्लेखनीय है कि रामप्रकाश राजौरिया बसपा से 2007 में जुड़े थे और लगातार पार्टी के लिए काम कर रहे थे। 2013 चुनाव में बसपा ने मुरैना सीट से उन्हें चुनाव में उतारा। श्री रजौरिया ने भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह को खासी टक्कर दी। मगर 17 सौ मतों से हार गए।

इस वजह से वे बसपा से इस बार भी टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने 22 सितंबर को उन्हें प्रत्याशी भी घोषित कर दिया, लेकिन एक महीने बाद उनकी जगह दिमनी के विधायक बलवीर डंडोतिया को प्रत्याशी बना दिया। बलवीर डंडोतिया रिश्ते में रामप्रकाश राजौरिया के समधी भी हैं। वहीं टिकट को लेकर दो समधियों के बीच में घमासान हो गया।

आप के मंत्री व प्रदेश प्रभारी गोपालराय ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा एक जैसे हैं। कांग्रेस ने 15 साल पहले और भाजपा ने 1 साल पहले किसानों पर गोलियां चलवाईं। कांग्रेस ने प्रदेश में शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया और अब वही भाजपा कर रही है। जबकि काम करने के लिए साढ़े तीन साल ही काफी होता है।

आप सरकार ने दिल्ली में साढ़े तीन साल में ही स्कूल सहित स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार दिया है। अब मध्यप्रदेश में लोग आप को विकल्प के रूप में देख रहे हैं। आप प्रदेश को बदल देगी। रामप्रकाश राजौरिया ने आप की सदस्यता ली है, वे यहां से आप के उम्मीदवार होंगे। इसकी घोषणा आगामी दिनों में कर दी जाएगी।

आप की सदस्यता लेते हुए रामप्रकाश राजौरिया ने कहा कि पिछले चुनाव में उन्हें टिकट के लिए कुछ नहीं देना पड़ा था। इस बार भी पहले कुछ नहीं मांगा गया और प्रत्याशी बना दिया गया, लेकिन बाद में इस बार दिल्ली बुलाया गया और इशारों में उनसे चार करोड़ मांगे गए और कहा गया कि नहीं दे पाओगे तो दूसरे को प्रत्याशी बना देंगे। यह पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष ने उनके साथ अन्याय किया है। इसलिए वे अब आप की सदस्यता ले रहे हैं और इसी से चुनाव लड़ेंगे।

 

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