महाकाल भस्मारती दर्शन के लिए अभी अनुमति नहीं, जानिये और कितना इंतजार

उज्जैन। ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल की भस्मारती के दर्शन को आतुर भक्तों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा। कलेक्टर आशीषसिंह ने कहा है कि फिलहाल शासन के निर्देश पर इस पर रोक बरकरार रहेगी। डेढ़ महीने बाद विचार किया जाएगा। हालांकि कलेक्टर ने मंदिर प्रशासन को उज्जैन दर्शन बस सेवा शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कोरोना संक्रमण के चलते 10 माह से भस्मारती दर्शन पर रोक लगी है। देश में कोरोना के मामलों में तेजी से कमी आने पर भक्त भस्मारती दर्शन फिर शुरू करने की मांग कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि देश में सिनेमाघरों को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने के निर्देश दे दिए गए, फिर मंदिर समिति को भस्मारती दर्शन अनुमति देने में क्या परेशानी है? कलेक्टर का कहना है भस्मारती के दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु सीमित स्थान पर एक साथ बैठते हैं। कोरोनाकाल के पहले भस्मारती में करीब 1700 भक्तों को अनुमति दी जाती है।
इसलिए रोक बरकरार
कलेक्टर सिंह ने बताया कि नंदी हॉल व गणेश मंडपम बंद हॉल के रूप में हैं। ऐसे में संक्रमण में और सुधार के बाद भी दर्शन अनुमति देने की योजना है। डेढ़ माह बाद स्थितियों को देखते हुए अनुमति व्यवस्था शुरू की जाएगी। गर्भगृह में प्रवेश, भगवान को फूल प्रसाद अर्पित करने की अनुमति और अन्नाक्षेत्र शुरू करने का निर्णय भी भस्मारती दर्शन शुरू करने के साथ होगा। इधर, कलेक्टर ने मंदिर समिति द्वारा संचालित उज्जैन दर्शन बस शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मंदिर प्रशासन एक-दो दिन में बस सेवा फिर शुरू करेगा। इससे देशी-विदेशी भक्तों को उज्जैन दर्शन करने में आसानी होगी।



