हेलोवीन मास्क लगाकर बांट रहे ज़रूरतमंदों को राशन ताकि पहचान छिपी रहे


संवाददाता, अमित प्रजापती
मध्यप्रदेश भोपाल में एक ग्रुप ने कोरोना महामारी में परेशान और ज़रूरत मंद लोगो की मदद करने का नया तरीका अपनाया है। जो कहने को तो एक साउथ की मूवी 2006 वेंडेटा में अपनाया गया था। पर वो कहानी थी और ये युवा असल जिंदगी में अपना फ़र्ज़ निभा रहे है। जो आज के युवाओं को कुछ न कुछ सिखाती है, जी हां यहाँ राजधानी भोपाल में अब्दुल मुजीब जो पेशे से एक इंडस्ट्रीज के मालिक है वो अपने दोनों छोटे भाइयो के साथ मिलकर ये प्रयास कर रहे है कि ज़रूरतमंद लोगो तक राशंनकिट भोजन की मदद पोहचा सके जिसमे उनकी पहचान छुपी रहे इसलिए वो फ़ोटो में भी मास्क का उपयोग करते नज़र आरहे है। कहने को कोई इन्हें जोकर कहता है तो कोई फरिश्ता पर इन्होंने हार नही मानी और लगभग देर महीने से बराबर ज़रूरत मंद लोगो की मदद करने का प्रयास कर रहे है। ज़ीशान मुजीब 30 वर्ष, अब्दुल रहमान 24 वर्ष, अब्दुल मुबीन 25 वर्ष, ओर इनके साथी बाबर शेख, राज लोधी और सुनील कुर्मी भी मिलकर रोज़ शाम को मदद के लिए निकल जाते है। जहां भी मदद के लिए रवाना होते है वहा हेलोवीन मास्क का उपयोग करते है। जहां भी राशन किट या भोजन देते है वहां इन्हें ज़रूरतमंद लोग फरिश्ते के रूप में पहचानने लगे है। वहीं कुछ लोगो ने भी बताया कि अब लोग इनका बाकायदा इखट्टा होकर इंतेज़्ज़ार करते है।
अब तक हमे मिली जानकारी के हिसाब से अब्दुल ज़ीशान मुजीब लगभग 5 हज़ार से 7 हज़ार तक का रोज़ राशन और भोजन बाट रहे है। हमारे सवाल पर उन्होंने बताया कि उनके कज़िन दुबई से भोपाल आए हुए है उन्होंने ये कांसेप्ट बताया था और ये कांसेप्ट मुजीब ओर उनके छोटे भाइयों को इतना पसंद आया के लॉक डाउन के तीसरे दिन से ही अपने मित्र को लेकर सेवा में लग गए थे।
अभी तक रातिबढ़, अब्बासनागर, मंदरइंडिया कॉलनी, करोंद,होउसिंगबोर्ड, गांधीनगर, सिहोर, बरेला,नारियालखेड़ा जैसे छेत्र और सुल्तानिया हॉस्पिटल रैनबसेरा जेसी जगाओ में राशन और भोजन बाट चुके है। वहीं अनलॉक के बाद भी इनकी ये सेवाएं चालू है। हमारे नम्बर भी लगभग सभी जगह बटे हुए है जहां ज़्यादा ज़रूरत होती वहां हमे कही न कही से कॉल भी आजाता है, अभी तक 100 से ऊपर परिवारों की मदद कर चुके है, अभी तक हमारे दुआरा जो भी मदद की जा रही है इसका न ही हमने कोई फंड लिया है न लेंगे ये हमारा कांसेप्ट है और हम अपनी तरफ से ज़रूरतमंद लोगो की जितनी मदद कर सकते है करंगे और हमे इस बात की खुशी भी है कि हमारा ये कॉसेप्ट शहर में लोगों को काफी पसंद आरहा है।



