शिवसेना में बगावत! महाराष्ट्र विधानसभा में किस पार्टी के पास है कितनी सीटे और क्या है पूरा समीकरण, जानिए
शिवसेना में बगावत! महाराष्ट्र विधानसभा में किस पार्टी के पास है कितनी सीटे और क्या है पूरा समीकरण, जानिए


शिवसेना के करीब 13 विधायक सूरत में मौजूद, कुछ निर्दलीय छोटी पार्टियों के विधायक भी हैं साथ।सूरत के एक होटल में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 25 विधायकों के रूके होने की खबरें।
मुंबई: महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। राज्य विधान परिषद चुनावों में सोमवार को झटका लगने के बाद अब खबर है शिवसेना के 10-12 विधायक पार्टी के संपर्क में नहीं है। इन सभी के गुजरात के सूरत में एक होटल में पहुंचने की खबरें हैं। इनमें शिवसेना के बड़े नेता और राज्य सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार शिवसेना के 13 सहित कुछ निर्दलीय और छोटी पार्टियों के कुल मिलाकर 25 विधायक इस समय एकनाथ शिंद के नेतृत्व में सूरत में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे भाजपा के संपर्क में हैं। ऐसे में सवाल है कि अगर विधायकों ने पाला बदला तो क्या उद्धव ठाकरे की सरकार गिर जाएगी? महाराष्ट्र विधानसभा के समीकरण ऐसा ही कुछ इशारा कर रहे हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा में किस पार्टी के पास कितनी सीटें
महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं। इसमें फिलहाल एक रिक्त है। ऐसे में मौजूदा स्थिति को देखें तो राज्य में उद्धव ठाकरे सरकार को 153 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। चूकी एक सीट रिक्त है तो सरकार बनाने के लिए 144 विधायक चाहिए। ऐसे में शिवसेना में अगर फूट होती है तो निश्चित तौर पर इसकी आंच महा विकास आघाड़ी सरकार पर आएगी।
महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल शिवसेना के पास अभी 56 सीट है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पास 53 और कांग्रेस के पास 44 सीटें हैं। दूसरी ओर भाजपा के पास 106 सीटें हैं। इसके अलावा 5 निर्दलीय भी भाजपा के पक्ष में है। वहीं राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) और जन सुराज्य शक्ति (जेएसएस) के एक-एक विधायक भी भाजपा के साथ हैं। ऐसे में भाजपा के समर्थन में अभी 113 विधायक है। इसके अलावा विधानसभा में एआईएमआईएम के दो और निर्दलीय सहित कुछ अन्य के 19 विधायक भी हैं।
महाराष्ट्र में गिर जाएगी उद्धव ठाकरे की सरकार?
मौजूदा समीकरण को देखें को शिवसेना के 13 विधायक अगर पाला बदलते हैं और साथ ही दावों के अनुसार कुल 25 विधायकों का समर्थन झटके से भाजपा के खेमे में आता है तो उसके पास 138 विधायकों का साथ हो जाएगा। ये बहुमत से दूर जरूर नजर आता है पर माना जा रहा है कि बगावत अगर होती है तो कांग्रेस के भी कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं। ऐसे में भाजपा की राह आसान हो सकती है।



