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25000 एकड़ में बनेगा इंडिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, 6 लाख लोगों को मिलेगा रोज़गार

25000 एकड़ में बनेगा इंडिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, 6 लाख लोगों को मिलेगा रोज़गार

इंदौर। इंदौर के समीप भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इस एयरपोर्ट के करीब ही पच्चीस हजार एकड़ क्षेत्र में एक मेगा इन्वेस्टमेंट मल्टी मॉडल औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा। इससे प्रदेश के छह लाख बेरोजगारों को रोजगार मिलने की राह आसान होगी। इंदौर से 46 किलोमीटर दूर हाटपिपल्या-चापड़ा के समीप 10051 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय एरपोर्ट के बनाए जाने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम और देवास कलेक्टर को इसके लिए जमीन चिन्हित करने और इसके अधिग्रहण के निर्देश दे दिए गए है।

इसे ग्रीनफील्ड इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एवं एयरोसिटी नाम दिया जाएगा। इस एयरपोर्ट पर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। एयरपोर्ट टर्मिनल की क्षमता दस करोड़ पेसेंजर को बिठाने की होगी यहां एमआओर सुविधा होगी और डयूटी फ्री सुविधा युक्त कार्गो टर्मिनल भी बनाया जाएगा। इसमें पचास लाख मीट्रिक टन सामग्री का स्टोरेज किया जा सकेगा। एक कामर्शियल कांप्लेक्स और एयरोसिटी भी यहां बनाई जाएगी। यह एयरपोर्ट इंदौर से 45 किलोमीटर और भोपाल से 130 किलोमीटर की दूरी पर निर्मित किया जाएगा। राजकोट, इंदौर नागपुर राष्टÑीय राजमार्ग 47 और इंदौर नागपुर एनएच 59 को तथा भोपाल और इंदौर से रेल कनेक्टिविटी भी इस एयरपोर्ट से दी जाएगी। सेंट्रली लोकेटेड यह नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पैसेंजर इंदौर, देवास, पीथमपुर, उज्जैन , सीहोर और भोपाल के यात्रियों को हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएगा। दिल्ली-मुंबई इंडिस्ट्रियल कॉरीडोर, दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कारीडोर और नर्मदा एक्सप्रेस वे इस एयरपोर्ट के शुरू होने से जुड़ सकेंगे।

गा इन्वेस्टमेंट क्षेत्र भी बनेगा
इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के समीप ही पच्चीस हजार एकड़ जमीन पर यहां एक बड़ा इंन्वेस्टमेंट प्रोजक्ट भी विकसित किया जाएगा। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं मेगा इन्वेंस्टमेंट रीजन के बनने से मध्यण्प्रदेश का तीव्र औद्योगिक विकास हो सकेगा। इस क्षेत्र में कई उद्योग, इंटरप्रोन्योर अर्पाचुनिटी और रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। यहां घरेलु और अंतराष्टÑीय स्तर के यात्रियों के लिए फ्राईट सेवाएं भी मिलेंगी। मेगा इंन्वेस्टमेंट रीजन और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से नामी गिरामी देशी-विदेशी कंपनियों के मध्यप्रदेश में आने की राह प्रशस्त होगी।

55 हजार 250 करोड़ का निजी निवेश संभव-
एयरपोर्ट इको सिस्टम बनने से यहां 55 हजार 250 करोड़ के निजी निवेश की राह खुलेगी। भूमि अधिग्रहित करने के लिए 1610 करोड़ रुपए की जरुरत होगी। इसमें राज्य सरकार 6080 करोड़ रुपए खर्च करेगी। एसजीएसटी के रुप में 55 सौ करोड़ रुपए लगेंंगे इससे छह लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

एयरपोर्ट में यह सुविधाएं विकसित की जाएंगी-
एयरपोर्ट टर्मिनल, लाउंज, रिटेल आउटलेटस और डयूटी फ्री सुविधाए यहां होंगी। कारपोरेट आफिसेस, टावर यहां बनेंगे। कारगो टर्मिनल और कोल्ड स्टोरेज यहां बनाए जाएंगे। रेसीडेंसियल अपार्टमेंट, बंगलो और होस्टल यहां बनेंगे एटीसी टावर, एमआओर सुविधा, एप्रोन रनवे टेक्सी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा, कनवेंशनल सेंटर, एक्जीवीसन हाल, अस्पताल, हेल्थ सेंटर, एजूकेशन इंस्टीटयूट, स्कूल और अन्य जनसुविधाएं यहां विकसित की जाएंगी

मुख्य सचिव ने काम तेजी से शुरु करने के दिए निर्देश-
मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और मेगा इन्वेंस्टमेंट क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहित करने और काम तेजी से शुरु करने के निर्देश दिए है। इंदौर और देवास कलेक्टर से जमीन अधिग्रहित करने को कहा गया है।

विशेष संवाददाता, ज़ीशान मुजीब

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