करणी सेना आंदोलन का तीसरा दिन: मंत्री भदौरिया बोले- हम चर्चा के लिए तैयार; शेरपुर बोले- लिखकर क्यों नहीं देते
करणी सेना आंदोलन का तीसरा दिन: मंत्री भदौरिया बोले- हम चर्चा के लिए तैयार; शेरपुर बोले- लिखकर क्यों नहीं देते


राजधानी भोपाल में करणी सेना परिवार का आंदोलन तेज होता जा रहा है। तीन दिन से भेल इलाके में आंदोलन जारी है। करणी सेना परिवार और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। सोमवार को करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर अपने साथियों के साथ जंबूरी मैदान से एमपी नगर के लिए बढ़े तो उन्हें पुलिस ने भेल के गांधी चौराहे पर ही बैरिकेडिंग कर रोक लिया। इसके बाद से ही करणी सेना के लोग आज मंगलवार को भी अवधपुरी जाने वाली रोड पर ही धरने पर बैठे हुए हैं।
करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल के भेल, पिपलानी, अवधपुरी जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करणी सेना के लोग अपनी 21 सूत्रीय मांगों का लिखित में सरकार की ओर से निराकरण के लिए मंत्रियों की कमेटी बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं। रविवार शाम से लेकर सोमवार तक करणी सेना परिवार के प्रतिनिधियों की मंत्री अरविन्द भदौरिया से चार बार बैठक हुई लेकिन समाधान नहीं निकल पाया।
इधर, करणी सेना परिवार के आंदोलन की आग प्रदेश के दूसरे जिलों में भी फैल रही है। आज आगर और शाजापुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुतले जलाए गए।
करणी सेना और सरकार में नहीं बन पा रही सहमति:मंत्री भदौरिया बोले- हम चर्चा के लिए तैयार; शेरपुर बोले- लिखकर क्यों नहीं देते
राजधानी भोपाल में करणी सेना परिवार का आंदोलन तेज होता जा रहा है। तीन दिन से भेल इलाके में आंदोलन जारी है। करणी सेना परिवार और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। सोमवार को करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर अपने साथियों के साथ जंबूरी मैदान से एमपी नगर के लिए बढ़े तो उन्हें पुलिस ने भेल के गांधी चौराहे पर ही बैरिकेडिंग कर रोक लिया। इसके बाद से ही करणी सेना के लोग आज मंगलवार को भी अवधपुरी जाने वाली रोड पर ही धरने पर बैठे हुए हैं।
करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल के भेल, पिपलानी, अवधपुरी जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करणी सेना के लोग अपनी 21 सूत्रीय मांगों का लिखित में सरकार की ओर से निराकरण के लिए मंत्रियों की कमेटी बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं। रविवार शाम से लेकर सोमवार तक करणी सेना परिवार के प्रतिनिधियों की मंत्री अरविन्द भदौरिया से चार बार बैठक हुई लेकिन समाधान नहीं निकल पाया।
इधर, करणी सेना परिवार के आंदोलन की आग प्रदेश के दूसरे जिलों में भी फैल रही है। आज आगर और शाजापुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुतले जलाए गए।
करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल के भेल, पिपलानी, अवधपुरी जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करणी सेना के आंदोलन के चलते भोपाल के भेल, पिपलानी, अवधपुरी जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करणी सेना के आंदोलन को लेकर पत्रकार ने मप्र सरकार के मंत्री अरविंद भदौरिया से इस आंदोलन को लेकर चर्चा की।
पत्रकार: करणी सेना परिवार के लोग आंदोलन कर रहे हैं। उनपर अब तक बात क्यों नहीं हो पा रही है?
मंत्री भदौरिया: उनके संगठन मंत्री शैलेन्द्र झाला कल दो बार आए उनसे हमारी बात हुई। मैं कहता हूं कि सरकार सभी वर्गों से संवाद कर रही है। आपसे भी बात करने को तैयार है। लेकिन संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत विधि सम्मत जो मांगे हैं उनपर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार संविधान से ऊपर से नहीं हैं। चर्चा के माध्यम से जो रास्ता निकलेगा हम उसके लिए तैयार हैं।
पत्रकार: करणी सेना के लोग कह रहे हैं कि जो मांगे केन्द्र सरकार के क्षेत्र की हैं उनके लिए मंत्रियों की कमेटी बन जाए उसमें करणी सेना के लोग भी रहें। इस पर क्या सहमति नहीं बन पा रही है?
मंत्री भदौरिया: मैंने तो कहा था मैं स्वयं आ जाता हूं आपका ज्ञापन ले लेता हूं। मुख्यमंत्री जी इंदौर में हैं। देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति जी इंदौर आ रहे हैं। बड़ा कार्यक्रम चल रहा है। आपकी जो विधि सम्मत मांगें होंगी उनपर हर किसी से चर्चा कर लेंगे। मैं स्वयं मप्र सरकार का मंत्री होने के नाते वहां जाकर ज्ञापन लेने को तैयार हूं। ऐसी जो मांगे जिसमें समिति बनाना जिनमें आरक्षण और दूसरे विषय हैं। जो हमारे हाथ में नहीं हैं वो संवैधानिक व्यवस्था के हैं। अगर करणी सेना से संबंधित कोई विषय हैं तो हम चर्चा के लिए तैयार हैं। मेरी अभी एक- दो घंटे पहले बात हुई थी। अगर आकर बात करते संवाद करते तो सरकार रास्ते निकालने को तैयार रहती है। आंदोलन में तरीके भी होते हैं आप आईए बैठिए, टेबिल पर बैठकर बात करते हैं। जो विधि और संविधान सम्मत होगा उसपर विचार करेंगे।
पत्रकार: करणी सेना के लोग कह रहे हैं हमारा कार्यक्रम 8 जनवरी को पहले से तय था उसमें विध्न डालने के लिए 5 तारीख को कार्यक्रम कर दिया गया। चार साल पहले जो घोषणाएं हुई थीं वहीं घोषणाएं 5 तारीख को की गईं।
मंत्री भदौरिया: करणी सेना के कार्यक्रम उस दिन भी थे। अब तीन करणी सेना हैं। उस दिन 32 संगठन थे। हर कोई संगठन का अध्यक्ष है वो सब आएंगे तो कार्यक्रम करेंगे। आपको भी कार्यक्रम की अनुमति दी। आप कार्यक्रम कीजिए। और उनकी करीब 21 मांगें थीं वो पूरी की हैं। आजादी के 75 साल हो गए लेकिन महाराणा प्रताप की जयंती पर कभी छुट्टी नहीं की गई। मुख्यमंत्री जी ने राजपूत समाज के सामने घोषणा की। रानी पद्मावती के स्मारक बनाने की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री जी स्वयं भूमिपूजन करने स्वयं गए। काम भी शुरु हो गया। ऐसी करीब 21 मांगें मान ली गईं। मेरा कहना है कि यदि सामाजिक दृष्टि से कोई मांग है तो सरकार मानने को तैयार है। कुछ डिमांड्स उसमें अलग प्रकार की हैं जैसे कर्मचारी संगठनों से जुड़ी हैं तो कर्मचारी संगठनों से सरकार अलग से बात करेगी।
पत्रकार: करणी सेना का कार्यक्रम एक दिन का था अब वे आगे बढ़ रहे हैं कह रहे हैं कि एमपी नगर में बैठेंगे। ऐसे तो ये आंदोलन और आगे बढ़ता जाएगा। शहर के लोगों की परेशानी बढ़ती जाएगी!
मंत्री भदौरिया: उनको सरकार ने एक दिन की बीएचईएल के स्थान की अनुमति दी थी। मेरा कहना है कि अगर कोई कमिटमेंट किया है। तो उसका ध्यान रखें। शांतिपूर्वक ढंग से उनका आंदोलन था। आप बैठकर बातचीत करिए।विषयों पर बैठकर चर्चा कीजिए हम कहां मना कर रहे हैं। मैं स्वयं और मप्र के मुख्यमंत्री जी बातचीत के लिए तैयार हैं। चर्चा तो एक प्लेटफार्म पर बैठकर ही होगी।
पत्रकार: ये आंदोलन कब खत्म होगा?
मंत्री भदौरिया: मैं उनसे आग्रह करता हूं कि आप बैठिए बात कीजिए आपकी 22 सूत्रीय मांगों में से जो मांगने लायक होंगी हम मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करके मनवाएंगे। लेकिन जो गैर संवैधानिक होंगी वो थोडे हो सकतीं हैं। सरकार तो सभी समाजों, सभी वर्गों और धर्मों की है। सरकार में सभी का समावेश है तो सरकार सभी से संवाद भी करेगी। लोगों के हित के लिए जो हो सकता है वो डिमांड भी मानेगी।
पत्रकार: वो शहर के बीच में परमिशन मांग रहे हैं, चिनार पार्क, बिट्ठन मार्केट जैसे स्थानों की परमिशन मांग रहे हैं। क्या सरकार परमिशन देगा?
मंत्री भदौरिया: लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति प्रशासन देखेगा। लेकिन मेरा ऐसा कहना है कि किसी विषय पर कोई बात हुई आपको एक दिन के लिए परमिशन दी गई। हम आपसे चर्चा के लिए तैयार थे। अभी भी सुनने को तैयार हैं। संवाद के रास्ते हमने बंद नहीं किए। सारे मंत्री इंदौर के कार्यक्रम में गए हैं लेकिन मैं नहीं गया। मुझे मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सब अपने लोग हैं उनसे संवाद कीजिए। आप यहीं(भोपाल) रुकिए तो मैं रुका हूं।
सोमवार रात साढे़ 11 बजे भेल के गांधी चौराहे पर भूख हड़ताल पर बैठे करणी सेना के पदाधिकारियों का मेडिकल चेकअप किया गया।
सोमवार रात साढे़ 11 बजे भेल के गांधी चौराहे पर भूख हड़ताल पर बैठे करणी सेना के पदाधिकारियों का मेडिकल चेकअप किया गया।
अब जान लीजिए करणी सेना परिवार ने सरकार के सामने क्या मांगें रखीं हैं
मांग : 01 -आरक्षण का आधार आर्थिक किया ताकि समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जावे।
मांग : 02 – SC, ST एक्ट में बिना जाँच के गिरफ्तारी पर रोक लगे। ताकि कोई भी निर्दोष व्यक्ति बिना अपराध के सजा न काटे।
मांग : 03- SC, ST एक्ट की तर्ज पर सामान्य-पिछड़ा एक्ट बने जो सामान्य-पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करे व कानूनी सहायता प्रदान करे।
मांग : 04 – EWS आरक्षण में भूमि व मकान की बाध्यता समाप्त कर 8.00 लाख की वार्षिक आय को ही आधार मानकर आरक्षण का लाभ दिया जावे। सभी भर्तियों में EWS के छात्रों को उम्र सीमा में छूट दी जावे EWS प्रमाण पत्र की अवधि 3 वर्ष की जावे तथा छात्रवृत्ति भी प्रदान की जावे परीक्षा शुल्क में छूट छात्रों को सरकारी योजनांतर्गत व्यापारिक लोन में स्वरोजगार हेतु छूट प्रदान की जावे।
मांग : 05 – वर्तमान में प्रक्रियाधीन शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 में प्रथम काउंसलिंग के पश्चात् शेष बचे हुए EWS वर्ग के समस्त पदों को द्वितीय काउंसलिंग या शिक्षा विभाग की वर्तमान नियोजन प्रक्रिया में समस्त पदों के साथ EWS वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से भरा जावे। EWS के रिक्त पदों को इसी वर्ग से भरा जावे।
मांग : 06 – प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग 3 के पदों में 51000 पदों पर न्यायसंगत रोस्टर के साथ भर्ती की जावे व उच्चतर शिक्षक वर्ग 1 व माध्यमिक शिक्षक वर्ग 2 के वंचित विषयों जैसे मातृभाषा हिन्दी, सा. विज्ञान, विज्ञान के विषय में पदों में वृद्धि की जावे।
मांग : 07 – भर्ती कानून बनाए जाए (प्रत्येक वर्ष नियमित भर्ती निकाल जाए) व्यापम के 1 लाख पदों पर एसआई, पटवारी, अन्य विभागों में शीघ्र भर्ती की जाए एवं भर्ती नहीं होने पर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाए व MPPSC की 2019, 2020, 2021 की भर्तियाँ संवैधानिक रूप से पूर्ण की जाये व ओबीसी आरक्षण मुद्दा हल करो।
मांग : 08 – मध्यप्रदेश में मीडिया कर्मियों को अधिमान्यता देने वाली तथा बीमारी में आर्थिक मदद देने वाली राज्य और संभाग स्तरीय समितियों का पुर्नगठन किया जाए व मीडिया कर्मियों पर लादे गए झूठे मुकदमें वापस लिये जायें।
मांग : 09 – केन्द्र और राज्य की आने वाले सभी भर्तियों में सभी वर्गों को 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जावे। राज्य सरकार द्वारा दी गई 3 वर्ष की छूट की समयावधि 1 वर्ष से बढाकर 2 वर्ष की जावे।
मांग : 10 – अतिथि शिक्षकों के कार्य अनुभव पूर्ण थे उनके अतिथि शिक्षक अनुबंध 2020-21 तक मान्य अतिथि शिक्षकों को विभागीय परीक्षा लेकर नियमित किया जावे। वर्ग 1 एवं वर्ग 2 शिक्षक भर्ती 2018 में जिन कर अतिथि कोटे 25% का लाभ दिया जाये। महानुभावों को भी योग्यता के आधार पर नियमित किया जाये। रोजगार सहायकों व कोरोना स्वास्थ्यकर्मियों व मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को समान कार्य समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा दी जाए, उनको नौकरी से न निकाला जाये और उनको नियमित किया जाये। म.प्र. के सभी बिजली विभाग सहित सभी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को भी योग्यता के आधार पर नियमित किया जाये।
मांग : 11 – किसानों के हित में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों का लागू किया जावे ताकि किसानों को उपज का सही मूल्यमिल सके व रासायनिक खादों की बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाया जावे। रोजड़ा (घोड़ा रोज) व जंगली सुअर से प्रदेश के कई क्षेत्रों के किसान परेशान है इसमें निजात दिलाने के लिये उचित कार्य योजना बनायी जावे किसानों को कृषि उपकरणों पर समस्त प्रकार के टैक्स में छूट दी जावे।
मांग : 12 – खाद्यान्न (रोजमर्रा की चीजें) को GST से मुक्त किया जावे तथा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगायी जावे।
मांग : 13 – क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास में छेड़छाड़ को तुरन्त रोका जावे, इतिहास संरक्षण समिति बने ताकि समाज में आपसी सामंजस्य बना रहे।
मांग : 14 – सवर्ण आयोग की कार्यप्रणाली में सुधारकर उसे क्रियाशील बनाया जावे एवं सक्रिय समिति बनाकर सवर्ण हित में ज्यादा अधिकार प्रदान किया जाये ।
मांग : 15 – राज्य कर्मचारी आयोग की सिफारिश जिसमें कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने को कहा गया है, किसी भी परिस्थिति में अब कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु नहीं बढाई जावे ताकि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी पर अंकुश लगाकर युवाओं को अधिक अवसर दिये जा सके।
मांग : 16 – गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जावे व सरकार गौशालाओं के स्तर में सुधार करें एवं गोबर व गौमूत्र को सरकारी स्तर पर खरीदने की व्यवस्था करें ताकि गौ-पालन से रोजगार के अवसर भी बढ़े।
मांग : 17 – पद्मावत फिल्म के विरोध व किसान आंदोलन में दर्ज किये गये प्रकरण वापस लिये जावे।
मांग : 18 – म.प्र. की भर्तियों में यहाँ के युवाओं को प्राथमिकता दी जावे, अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा सीमित हो ।
मांग : 19 – कर्मचारियों को दी जा रही पदोन्नति के साथ उन्हें उसके साथ अधिकार व सुविधा भी दी जावे । कर्मचारियों की पेंशन पुनः चालू की जावे।
मांग : 20 – पुलिस विभाग में आरक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कर 2400 ग्रेड पे लागू की जावे एवं प्रदेश के होमगार्ड सैनिकों को भी पुलिसकर्मियों की तरह ही वेतन और भत्ते प्रदान किये जावे।
मांग : 21 – सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार कर शिक्षा का स्तर सुधारा जावे व प्रायवेट स्कूलों में मिशनरी स्कूलों की तानाशाही समाप्त कर फीस नियंत्रण रखने हेतु एक कमेटी बनाई जावे
मांग : 22 – म.प्र. सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था, लेकिन म.प्र. सरकार ने नियमों में परिवर्तन “होरिजेंटल” कर मौजूदा भर्तियों में भूतपूर्व सैनिकों का आरक्षण स्वतः ही समाप्त कर दिया जो पूर्व सैनिकों के साथ अन्याय है इसे 2017 नियम के आधार पर होरिजेंटल विथ कम्पाटमेंट किया जाये। होरिजेंटल ऑल ० ओवर को समाप्त किया जावे, प्रथम स्टेच से ही आरक्षण का लाभ दिया जावे। म.प्र. के सम्पूर्ण जिलों में पुलिस कार्यालय में सैनिक हेल्पडेस्क अलग से स्थापित किया जावे।
सोमवार रात अवधपुरी जाने वाली सड़क पर धरना दे रहे करणी सेना के लोगों ने मोबाइल की लाइट जलाकर विरोध जताया।
सोमवार रात अवधपुरी जाने वाली सड़क पर धरना दे रहे करणी सेना के लोगों ने मोबाइल की लाइट जलाकर विरोध जताया।
इसलिए नहीं बन पा रही सरकार और करणी सेना में सहमति
करणी सेना परिवार के मांग पत्र में शामिल 22 मांगों में कुछ मांगें ऐसी हैं जिनपर निर्णय राज्य के अधीन नहीं हैं। चुनावी साल में सरकार आरक्षण, ऐट्रोसिटी एक्ट में संशोधन जैसे मुद्दे को छेड़कर परेशानी नहीं बढ़ाना चाहती। करणी सेना परिवार के लोग मांगों पर लिखित में आश्वासन के साथ ही मंत्रियों की कमेटी बनाने और करणी सेना के लोगों को उस कमेटी में रखने की जिद पर अड़े हैं। जैसे ही करणी सेना का आंदोलन शुरु हुआ सीएम इंदौर में आयोजित एनआरआई सम्मेलन में व्यस्त हो गए। करणी सेना परिवार के लोगों को मनाने का काम सीएम ने सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया को सौंप रखा है। भदौरिया से पांच बार करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल की चर्चा हुई लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया।
फिर तेज हो सकता है आंदोलन, करणी सैनिक फिर लौट रहे भोपाल
करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर से जब बात की तो उनका कहना था कि हम तो चर्चा करने के लिए ही आए हैं। मंच से हमने बार-बार कहा कि कोई ऐसा व्यक्ति हमारे बीच में आए जो लिखित में हमें आश्वासन देकर कमेटी बनवा सके। हम रविवार को शाम 4 बजे विधानसभा घेराव करने वाले थे हमसे प्रशासन ने कहा दो घंटे के अंदर आपसे चर्चा के लिए सरकार की तरफ से कोई आएगा लेकिन कोई नहीं आया। हम नहीं चाहते किसी को परेशानी हो लेकिन सरकार हमारी बात सुनना ही नहीं चाहती। सरकार के लोग सोच रहे हैं कि हम खुद थक हार कर वापस चले जाएंगे। वे यह बात दिमाग से निकाल दें अब हम भोपाल से तभी जाएंगे जब हमारी मांगें मानी जाएंगी या हम यहीं भूखों मर जाएंगे लेकिन हटेंगे नहीं। हमारे जो लोग अपने घर चले गए थे वे वापस आ रहे हैं हमने उन्हें मना किया है लेकिन लोग मान नहीं रहे हैं। हमें प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया है हम यहीं सड़क पर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
सीएम कर चुके हैं 5 जनवरी को 16 घाेषणाएं..
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 जनवरी को सीएम हाउस में आयोजित राजपूत समाज के सम्मेलन में कई घोषणाएं की थीं।
1. महाराणा प्रताप की जयंती पर प्रदेश में अवकाश रखा जाएगा। 2. फिल्म पदमावत पर प्रतिबंध की मांग को लेकर हुए आंदोलनों संबंधी प्रकरण वापिस लिए जाएंगे। 3. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास बनाने के संबंध में समाज के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाएगी। 4. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों से कम परीक्षा शुल्क लिया जाएगा। 5. ऐतिहासिक तथ्यों और परिवारों की वंशावली आदि से छेड़छाड़ करने वालों पर कानून कार्यवाही की जाएगी। 6. पाठ्यक्रम समिति में एक प्रतिनिधि राजपूत समाज का होगा। 7. इतिहास के पाठ्यक्रमों की गड़बड़ियों को ठीक किया जाएगा। 8. सामान्य वर्ग के गरीब विद्यार्थियों को विशेष सहयोग की व्यवस्था की जाएगी। 9. सवर्ण आयोग में एक राजपूत क्षत्रिय प्रतिनिधि आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाएगा। 10. सीडीएस स्व. श्री विपिन रावत की प्रतिमा लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय निकाय की सहायता से प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 11. राजपूत क्षत्रिय समाज के युवाओं को जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहयोग के लिए सहकारिता विभाग द्वारा केस क्रेडिट सोसाइटी बनाई जाएगी। राज्य शासन उसमें सहयोग करेगा। 12. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आरक्षण में आय सीमा 8 लाख रूपये तक होगी। 13. गौशालाओं को अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा तथा गाय के गोबर व गौमूत्र खरीदने-बेचने की पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध की जाएगी। 14. महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित करने के लिए चर्चा कर कदम उठाए जायेंगे। 15. भोपाल स्थित मनुआभान की टेकरी पर रानी पदमावति की मूर्ति स्थापित करने के लिए आज ही भूमि पूजन किया जाएगा। 16. एमपीपीएससी की भर्ती में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यार्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था होगी।



