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अतीक हत्याकांड के आरोपी के एमपी कनेक्शन पर दिग्विजय बोले:गृहमंत्री बताएं उनका संरक्षण था क्या? कहा- माफिया के नेताओं, बिल्डर्स से संबंध की जांच हो

अतीक हत्याकांड के आरोपी के एमपी कनेक्शन पर दिग्विजय बोले:गृहमंत्री बताएं उनका संरक्षण था क्या? कहा- माफिया के नेताओं, बिल्डर्स से संबंध की जांच हो

अतीक अहमद और अशरफ अहमद हत्याकांड के आरोपी लवलेश तिवारी के मध्यप्रदेश कनेक्शन पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, क्या गृहमंत्री बताएंगे कि उनका संरक्षण उसको (लवलेश तिवारी) था क्या?

दरअसल, लवलेश तिवारी की फेसबुक प्रोफाइल से पता चला है कि 2021 में वह बालाघाट में रहा है। यहां रहते हुए उसने अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट की हैं। बालाघाट में उसके रेत माफिया के साथ काम करने की बात भी सामने आ रही है।

दिग्विजय ने लवलेश की इन्हीं पोस्ट को मुद्दा बनाते हुए विकास दुबे का मामला उठाया। उन्होंने कहा- विकास दुबे जब महाकाल मंदिर पहुंचा था और सरेंडर हुआ था, तभी मैंने कहा था कि इसकी सुरक्षा होनी चाहिए। अब महाकाल विकास दुबे जी ने क्यों चुना? अब आप कहेंगे विकास को ‘जी’ क्यों कहा? ये व्यंग्य है। विकास दुबे एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था, लेकिन उसने महाकाल मंदिर और मध्यप्रदेश को क्यों चुना? इसमें गृहमंत्री जी का कहीं कोई संबंध तो नहीं था।

गृह मंत्री मिश्रा ने कहा- आरोप लगा रहे हो तो प्रमाण भी दो

दिग्विजय सिंह के आरोप पर गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह मेरे किसी विकास और लवलेश तिवारी से संबंध नहीं है। 10 साल तक मुख्यमंत्री तो आप रहे हो, आरोप लगा रहे हो तो प्रमाण भी दो। आप के मंत्री उमंग सिंगार ने तो आप को माफियाओं का सर्टीफाइड सरदार बताया था तो उसका भी जवाब दीजिए। गुना में जिन शिकारियों ने पुलिसकर्मियों की हत्या की थी उनके आपसे क्या संबंध थे वह भी जनता को बताएं। 2018 नक्सली कमांडर के पर्चे में दिग्विजयजी आप का फोन नंबर क्यों था। आतंकवादी और आपके लिए शान्ति दूत जाकिर नाइक से आपका क्या दोस्ताना है, वह भी जनता को बताएं।

इससे पहले, कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह ने अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में कमर्शियल, पॉलिटिकल रिलेशन की जांच कराने की मांग भी की है। PCC में मीडिया से चर्चा में दिग्विजय सिंह ने कहा- CBI, ED और IT को इस बात की जांच करनी चाहिए कि अतीक अहमद के किन नेताओं, अफसरों और बिल्डर्स से संबंध थे।

15 अप्रैल की देर रात प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए जा रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर गोलियां चलाने का आरोपी लवलेश तिवारी (गुलाबी टीशर्ट में) बालाघाट भी आ चुका है। वह मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बांदा जिले का है। यह फोटो तिवारी ने बालाघाट से पोस्ट की थी।

मैं इलाहाबाद गया था, तो लोगों ने बताया था कि अतीक ने हिंदुओं से ज्यादा मुसलमानों पर अपराध किए हैं। उसके बेटे का एनकाउंटर पुलिस का था। लेकिन, पुलिस कस्टडी में अतीक की हत्या हुई, इसकी जवाबदारी UP पुलिस पर आती है। अतीक और उसके परिवार के लोगों ने भी कहा था कि उसे एनकाउंटर में मार दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट तक वे गए थे। कई बिल्डर, नेता, अधिकारियों के नाम अतीक अहमद ने लिए हैं। इनका खुलासा होना चाहिए।

हेड तो चला गया, लेकिन माफिया अभी जिंदा है

मैंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि जांच आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में ये भी डालिए कि अतीक अहमद से किन-किन लोगों से संबंध थे। माफिया का हेड तो चला गया, लेकिन माफिया तो जिंदा है। उन माफियाओं को खत्म करना चाहिए। कई जगह आपराधिक मामलों की जांच CBI, ED, IT कर रही है, तो उन लोगों की जांच भी होनी चाहिए, जिनके व्यवसायिक संबंध अतीक के साथ थे।

पुलवामा पर जवाब मांगता हूं, तो ट्रोल आर्मी पीछे पड़ जाती है

पुलवामा अटैक पर जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और BJP के सीनियर लीडर सत्यपाल मलिक के बयान पर दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं जब भी पुलवामा पर कुछ कहता हूं, तो BJP, ट्रोल आर्मी पीछे पड़ जाती है। दुनिया भर की बातें करते हैं। मुख्यमंत्री ने देशद्रोह का आरोप लगा दिया। जब मैं थाने गया तो पुलिसवालों ने लिखकर दिया कि आपके ऊपर कोई केस दर्ज नहीं है। हमारे भाजपा के आईटी सेल, बजरंग दल के लोग ISI से पैसा लेकर देश की जासूसी कर रहे हैं। उनपर NSA क्यों नहीं लगाया। सतना का बलराम सिंह, भोपाल का ध्रुव सक्सेना खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे 20 लोग हैं, जो ISI के लिए जासूसी कर रहे थे। इन पर शिवराज सिंह ने NSA क्यों नहीं लगाया।

बता दें, सत्यपाल मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा है कि 2019 में कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुआ हमला सिस्टम की अक्षमता और लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने इसके लिए CRPF और केंद्रीय गृह मंत्रालय को खासतौर पर जिम्मेदार बताया। तब राजनाथ सिंह गृहमंत्री थे। मलिक ने कहा कि CRPF ने सरकार से अपने जवानों को ले जाने के लिए विमान मांगा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। मलिक ने भ्रष्टाचार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करप्शन से बहुत नफरत नहीं है।

कमलनाथ की मांग, अतीक-अशरफ हत्याकांड पर स्वत: संज्ञान ले सुप्रीम कोर्ट

दो दिन पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी अतीक हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा, बड़े दुख की बात है कि खुले रूप से मर्डर हुए हैं, ये क्या इशारा करते हैं कि हमारी कानून व्यवस्था क्या है? उत्तरप्रदेश में और अपने देश में क्या राजनीति हो रही है? साफ तौर पर मर्डर हो रहे हैं।

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