कर्नाटक केडर की IPS आयुषी को UPSC में मिली सफलता, भोपाल के दो सगे भाई भी सेलेक्ट
कर्नाटक केडर की IPS आयुषी को UPSC में मिली सफलता, भोपाल के दो सगे भाई भी सेलेक्ट


संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2023 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें भोपाल की छाया सिंह ने 65वां स्थान हासिल किया है। छाया सिंह, आईएएस छोटे सिंह की बेटी हैं।
भोपाल के सचिन गोयल को 209वीं और समीर गोयल को 222वीं रैंक मिली है। दोनों सगे भाई हैं।
धार की माही शर्मा को 106वीं और सतना की काजल सिंह को 485वीं रैंक मिली है। काजल के पिता विजय सिंह सतना के कोलगवां पुलिस थाना में सब इंस्पेक्टर हैं।
लद्दाख से फोन कर खुद के सिलेक्शन की सूचना
65वीं रैंक हासिल करने वाली छाया के पिता छोटे सिंह अपर आयुक्त राजस्व ग्वालियर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि छाया लद्दाख टूर पर हैं। उसने अपने सिलेक्शन की सूचना लद्दाख से एक परिचित के फोन से कॉल कर दी है। छाया सिंह ने यूपीएससी परीक्षा 2023 में चौथे प्रयास में आईएएस बनने में सफलता पाई है।
छाया ने सीएसई 2021 क्लियर किया था और 288वीं रैंक पाई थी, तब सिलेक्शन आईडीएएस में हुआ था। इसके पहले यूपीएससी में डीएएनआईपीएस सर्विस में सिलेक्ट हुई थीं।
वर्ष 2019 में यूपीएससी से सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेट के पद पर सिलेक्ट हुई थी। वर्ष 2020 में वे महिला और बाल विकास अधिकारी के पद पर भी चयनित हो चुकी हैं। छाया ने पंजाब के पटियाला से पांच वर्षीय बीएएलएलबी का कोर्स क्लैट के माध्यम से किया है।
भोपाल के सचिन की 209वीं और समीर की 222 वीं रैंक
भोपाल के डाॅक्टर सचिन गोयल को 209वीं और समीर गोयल को 222वीं रैंक मिली है। दोनों सगे भाई हैं। समीर और सचिन के पिता संजय गोयल भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। जबकि मां डॉ. संगीता गोयल, शिशु रोग विशेषज्ञ हैं।
भोपाल के अर्णव भंडारी का भी सिलेक्शन
भोपाल के अर्णव भंडारी का भी यूपीएससी में सिलेक्शन हुआ है। उनकी रैंक 232 है। इससे उनका आईपीएस बनना तय है। अर्णव ने बताया कि उन्होंने यूपीएसएसी की फरवरी को 2020 में पढ़ाई शुरू की थी। पिछले साल रिजर्व लिस्ट में थे और बाद में मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे के लिए सिलेक्शन हुआ था। अब आईपीएस के लिए चयन हुआ है।
ग्वालियर से तीन सिलेक्ट, कर्नाटक कैडर की IPS हैं आयुषी
UPSC में भी ग्वालियर से तीन का सिलेक्शन हुआ हैं, जिसमें मान्या सिंह चौहान की 84, आयुषी बंसल की 97 और माधव अग्रवाल की 211वीं रैंक बनी है। मान्या का कहा-पूरी पढ़ाई ग्वालियर में ही की है। जब भी समय मिलता है पढ़ाई करती थीं। पिता का सपना पूरा करने और पब्लिक सेक्टर में अपनी पहचान बनाकर लोगों लिए अच्छा काम कर सकें। इसलिए इस लाइन को चुना है।
आयुषी बंसल ने बताया कि वे अभी कर्नाटक कैडर में आईपीएस हैं। फिलहाल लीव पर हैं। मां राधा बंसल एलआईसी में ऑफिसर हैं। आयुषी का यह दूसरा मौका था। इससे पहले यह आईपीएस में सिलेक्ट हो चुकी हैं। यह 10वीं तक ग्वालियर पढ़ी हैं। इसके बाद दिल्ली में 12वीं की और आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएशन की है।
माधव अग्रवाल का कहना है कि वह ग्वालियर के हैं और इन्होंने भी पूरी पढ़ाई ग्वालियर से की है। व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
नर्मदापुरम की पलक को 479वीं रैंक
नर्मदापुरम की पलक गोयल ने 479वीं रेैंक हासिल की है। वे रोटरी क्लब से जुड़े कालोनाइजर नरेंद्र रंजना गोयल की बेटी हैं और एसपीएम से सेवानिवृत्त केके गोयल की पौत्री हैं।



