एमपी सरकार बदल देगी कैदियों की जिंदगी, रोज कमाएंगे इतने रुपये
एमपी सरकार बदल देगी कैदियों की जिंदगी, रोज कमाएंगे इतने रुपये


भोपाल. मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार कैदियों का जीवन बदलने जा रही है. अब कैदी जेल की दीवारों से बाहर निकलकर लोगों के बीच काम करेंगे. हालांकि, उन पर नजर जरूर रखी जाएगी.
ये कैदी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरते नजर आएंगे. यानी उनके हाथों में हथियारों की जगह अब नोजल होंगे. जेल प्रशासन की इस नई पहल से कैदियों को खुली हवा में सांस लेने का मौका मिलेगा. साथ ही, वे रोज 500 रुपये भी कमाएंगे. सरकार के इस फैसले से जेल अधिकारी और कैदी खुश हैं.
गौरतलब है कि, यह सभी भोपाल सेंट्रल जेल के कैदी हैं. जेल प्रशासन ने नई पहल के तहत हिंदुस्तान पेट्रोलियम के साथ पेट्रोल पंप खोला है. इसे जेल वेलफेयर कमेटी की मदद से संचालित किया जा रहा है. इस पेट्रोल पंप पर काम भी कैदी ही करेंगे. पेट्रोल फिलिंग करने वाले कैदियों का चयन जेल प्रशासन ने ही किया है. जेल वेलफेयर कमेटी प्रबंधन का कहना है कि इस पहल से इन कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जुडने का मौका मिल रहा है. साथ ही, वे एक नई जिंदगी भी शुरू करने जा रहे हैं. इससे उनके घरों का माहौल बदल जाएगा. उनके परिजनों को भी अच्छा लगेगा. इसके अलावा उन्हें आर्थिक सहायता भी मिलेगी.
क्या है जेल विभाग का कहना
बता दें, यह पेट्रोल पंप भोपाल सेंट्रल जेल के सामने है. इसे 10 हजार स्क्वायर फीट एरिया में बनाया गया है. इस पेट्रोल पंप पर एक शिफ्ट में 9 कैदी काम करेंगे. उनकी निगरानी के लिए 2 प्रहरी भी साथ होंगे. इस तरह कैदी तीन शिफ्ट में काम करेंगे. उन्हें इसके लिए काम वाले दिन 500 रुपये दिए जाएंगे. इस मामले में जेल विभाग का कहना है कि कैदी अब गाड़ियों में पेट्रोल फिल करेंगे. उनके हाथों में हथियार होते थे, लेकिन अब नोजल होगी.
जेल विभाग का प्रयास ये भी है कि अगर किसी कर्मचारी को गंभीर बीमारी या किसी अन्य मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़े तो इलाज में आने वाले खर्चे को पेट्रोल पंप की कमाई से पूरा किया जा सके. इसके अलावा कर्मचारियों की शिक्षा, उनके बच्चों की पढ़ाई, या उनके परिवार की अन्य जरूरतों के लिए भी इस पैसे का उपयोग किया जा सके.



