जानिए कैसे हनीट्रैप में फंसाकर दो सगी बहनों ने ट्रांसपोर्टर को लगाया लाखों का चूना, पत्नी की शिकायत से खुलासा
जानिए कैसे हनीट्रैप में फंसाकर दो सगी बहनों ने ट्रांसपोर्टर को लगाया लाखों का चूना, पत्नी की शिकायत से खुलासा


राजधानी भोपाल के महिला थाने में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दो सगी बहनों ने एक ट्रांसपोर्टर को हनी ट्रैप में फंसा कर लाखों रुपये ठग लिए। फरियादी ट्रांसपोर्टर से आरोपी बहनें रश्मि साहू और सौम्या साहू ने करीब 15 लाख रुपये की ठगी की।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रांसपोर्टर की पत्नी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ट्रांसपोर्टर को हनीट्रैप में फंसा कर न सिर्फ लाखों रुपये ठगे, बल्कि उससे सोने-चांदी के गहने और कार तक ले ली। पुलिस की पूछताछ में इन दोनों महिलाओं से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई मामूली घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
प्रेम जाल में फंसाकर की गई ठगी
मामला जनवरी 2023 का है, जब ट्रांसपोर्टर की मुलाकात रश्मि साहू से इंडस टाउन स्थित 11 मील रेस्टोरेंट में हुई थी। इसके बाद रश्मि ने ट्रांसपोर्टर को अपने जन्मदिन पर बुलाया, और फिर उसे होटल में मिलने के लिए कहा। रश्मि के साथ उसकी बहन सौम्या भी होटल में मौजूद थी। इसके बाद दोनों ने ट्रांसपोर्टर के साथ होटल में एंजॉय किया और उसकी तस्वीरें और वीडियो खींच लिए।
आरोप है कि दोनों बहनों ने बाद में इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके ट्रांसपोर्टर को ब्लैकमेल किया। ब्लैकमेलिंग के दौरान ट्रांसपोर्टर ने अपनी पत्नी के आभूषण और अपना ट्रक तक इन दोनों को दे दिए। हालांकि, जब ट्रांसपोर्टर की पत्नी को इन तस्वीरों के बारे में पता चला, तो उसने पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस की जांच और आरोपी भाई का नाम
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि ठगी के पैसे रश्मि और सौम्या अपने भाई आकाश साहू के फोन नंबर पर मांगती थीं। इस पर महिला थाना पुलिस अब आकाश साहू के खिलाफ भी पूछताछ करने की योजना बना रही है, क्योंकि वह ब्लैकमेलिंग के इस खेल में शामिल हो सकता है।
इस मामले की जांच महिला थाना पुलिस द्वारा की जा रही है, और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने बताया कि यह एक गहरे साजिश का हिस्सा था, जिसमें दो बहनों और उनके भाई ने मिलकर आरोपी ट्रांसपोर्टर को अपने जाल में फंसाया और उसका शोषण किया।
महंगे शौक पूरे करने के लिए किया हनीट्रैप
महिला थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों बहनें महंगे शौक पूरे करने के लिए लोगों को हनीट्रैप में फंसाने का काम करती थीं। ट्रांसपोर्टर से ठगी के अलावा, दोनों ने उसे अपने जाल में फंसाकर सोने और चांदी के गहने, साथ ही कार तक ले ली थी।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों बहनों के मोबाइल से शहर के कई हाई प्रोफाइल लोगों, बड़े कारोबारियों के नंबर और फोटो मिले हैं। इनमें कुछ संदिग्ध नंबर भी थे। इसके अलावा, मोबाइल में कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी पाए गए, जिससे यह साबित हो गया है कि दोनों पहले भी कई लोगों को अपने जाल में फंसा चुकी हैं।
हनीट्रैप गिरोह के संलिप्त होने के आसार
पुलिस के मुताबिक, दोनों बहनों के मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर यह शक जताया जा रहा है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। दोनों के मोबाइल नंबर की सीडीआर (Call Detail Record) निकाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे किस-किस से संपर्क कर रही थीं और क्या उनका किसी बड़े गिरोह से कोई संबंध है।
बड़े होटलों में जाकर करती थीं जालसाजी
पूछताछ में दोनों बहनों ने यह भी बताया कि वे लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए बड़े होटलों में जाती थीं। वहां पर बहाने से लोगों से संपर्क करती थीं और फिर धीरे-धीरे उन्हें झांसा देकर हनीट्रैप का शिकार बना देती थीं। ट्रांसपोर्टर से भी इन दोनों की मुलाकात शहर के एक बड़े होटल में हुई थी, जहां उन्होंने उसे अपने जाल में फंसाया और बाद में ब्लैकमेल करके पैसे, गहने और कार ले ली।
पुलिस आधिकारिक का बयान:
महिला थाना प्रभारी अंजना दुबे ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से आधा दर्जन मोबाइल सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वे एक साथ कई लोगों से संपर्क कर रही थीं और अलग-अलग नंबरों से बात करती थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह यकीन है कि इन दोनों बहनों ने कई अन्य लोगों को भी इस तरह से फंसाया है और पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि यह हनीट्रैप एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।



