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सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा-2028 कब आ जाएगा पता नहीं चलेगा, सिहंस्थ के लिए मानसून के बाद मैदानी काम शुरू करेंगे

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा-2028 कब आ जाएगा पता नहीं चलेगा, सिहंस्थ के लिए मानसून के बाद मैदानी काम शुरू करेंगे

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 2028 यब आ जाएगा, पता भी नही चलेगा। सिहंस्थ को लेकर जो कागज़ी प्रक्रिया चल रही है, उन्हें धरातल पर उतारने का काम मानसून के बाद हर हाल में प्रारंभ कर दिया जाए।

यदि किसी विभाग में तकनीकी अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी है तो उसे दूसरे विभागों से लेकर या अन्य माध्यमों से पूरा किया जाए।
रेलवे से जुड़े कामों को सुगम बनाने के लिए एक अधिकारी तैनात किया जाए ताकि समन्वय में कोई समस्या ना आए। मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय में सिंहस्थ 2028 की मंत्रिमंडलीय समिति की तीसरी बैठक कर रहे थे।
समय सीमा में पूरा होना चाहिए काम
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ से संबंधित अधोसंरचना के कार्यों को समय सीमा में पूरा किया जाना आवश्यक है। हर काम समय सीमा में हों, यह निर्धारित किया जाए। इसके लिए कार्यालयीन जो भी प्रक्रियाएं हैं, उन्हें वर्षाकाल तक पूरा कर लिया जाए ताकि इसके ठीक बाद निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएं।
नगर निगम उज्जैन, विकास प्राधिकरण सहित अन्य निर्माण एजेंसियों में यदि तकनीकी अधिकारी-कर्मचारियों की कमी है तो अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर लेकर यह कमी दूर की जाए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेल से आते हैं लेकिन सरंचना ऐसी है कि समस्या आती है।
सड़कों के साथ रेलवे से भी बेहतर समन्वय होना चाहिए
इसे दूर करने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा जो व्यवस्थाएं की जा रही हैं, उसमें समन्वय बनाने के लिए मंत्रालय के ही एक अधिकारी की सेवाएं प्रतिनियुक्त पर ली जाएं। दरअसल, सिंहस्थ के दौरान महाकालेश्वर सहित ओंकारेश्वर और मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भी श्रद्धालुओं के आवागमन के मुख्य केंद्र रहेंगे, इसलिए सड़क मार्गों के साथ-साथ रेलवे से बेहतर समन्वय होना चाहिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिका आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जल संसाधन विभाग काम करने में सबसे आगे
बैठक में बताया गया कि जल संसाधन विभाग को अधोसंरचना विभाग के जो पांच काम करने हैं, वे सभी प्रारंभ हो गए हैं। जबकि, पर्यटन और गृह विभाग इसमें पीछे हैं। दोनों के कोई भी काम प्रारंभ नहीं हुए।
ऊर्जा विभाग के छह में से तीन, लोक निर्माण के दो में से एक और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सात में केवल एक ही काम प्रारंभ हुआ है। सिंहस्थ में स्नान व पेयजल, सीवरेज, आवागमन, श्रद्धालुओं के आवास, कानून व्यवस्था, आवश्यक चिकित्सा सुविधा के 9,186 करोड़ रुपये के 101 कार्यों की अनुशंसा की गई है।

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