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भोपाल स्लॉटर हाउस गौमांस प्रकरण में जांच तेज, अब तक 8 नगर निगम कर्मचारी निलंबित

भोपाल स्लॉटर हाउस गौमांस प्रकरण में जांच तेज, अब तक 8 नगर निगम कर्मचारी निलंबित

भोपाल: मप्र की राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित नगर निगम के आधुनिक स्लॉटर हाउस में कथित रूप से गौमांस मिलने के मामले में शनिवार को नगर निगम ने आठ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

पुलिस ने स्लॉटर हाउस से जुड़े वर्षों पुराने दस्तावेज जब्त कर जांच तेज कर दी है।

भोपाल के नगर निगम के आधुनिक स्लॉटर हाउस में कथित रूप से गौमांस अब एक राष्ट्रीय स्तर का संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद से ही नगर निगम, पुलिस और प्रशासन हरकत में है। स्लॉटर हाउस में नियमों के उल्लंघन और गौमांस मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच की थी। प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए वसीम खान, सलीम खान, राजा खान, शेख यूसुफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद और अब्दुल रहमान को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही यूसुफ खान, अब्दुल हकीम और मोहम्मद रफीक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे स्लॉटर हाउस के संचालन, टेंडर प्रक्रिया, अनुमति पत्रों और निगरानी व्यवस्था की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं पुलिस ने भी नगर निगम से वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक के सभी टेंडर दस्तावेज, अनुबंध, अनुमति पत्र और रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित अवैध गतिविधियां कब से और किसकी जानकारी में चल रही थीं।

प्रभारी सहायक यंत्री सौरभ सूद सहित दो अन्य कर्मचारियों से लगातार पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या यह मामला कर्मचारियों की लापरवाही का है या इसमें किसी स्तर पर अधिकारियों की मिलीभगत भी रही है।

गौमांस मिलने के आरोप सामने आने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) सहित कई हिंदू संगठनों ने इस मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया है। बीते कई दिनों से भोपाल की सड़कों पर इन संगठनों का आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और प्रशासन के साथ महापौर के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि हिंदू समाज की भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस संबंध में विश्‍व हिन्‍दू परिषद (विहिप) के मध्‍यभारत सहमंत्री जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा, “भोपाल में पुलिस हेडक्वार्टर (पीएचक्‍यू) के सामने 17 दिसंबर की रात पकड़े गए 26 टन गोमांस के मामले में स्लॉटर हाउस का संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा मुख्य आरोपित है। हमें अंदेशा है कि वह अभी भी बहुत कुछ छिपा रहा है, ये तो अचानक गौमांस पकड़ में आ गया, इससे पहले पता नहीं कब से ये इसी तरह विदेशों में गौ मांस भेज रहा हो”

जितेंद्र चौहान ने आरोप लगाया, “बताया जा रहा है कि स्लॉटर हाउस से निकलने वाला मांस मुंबई के रास्ते अरब पहुंचता था। वहीं हड्डियां चाइना भेजी जाती थीं। असलम ने जैसा पुलिस को बताया कि माल की पैकिंग स्लॉटर हाउस में हुई थी। यदि ये बात सच है तो बेहद सोचनीय और खतरनाक है” विहिप पदाधिकारी ने कहा कि इस मामले में जो भी अधिकारी और राजनीतिक लोग शामिल हैं, सभी की जांच होनी चाहिए, क्‍यों‍कि यह संभव नहीं कि असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा बिना प्रशासनि‍क और राजनीतिक संरक्षण के इस तरह से गौमाता की हत्‍याएं कर उन्‍हें पैक कर विदेश भेज पाता।

दूसरी ओर इस मामले में महापौर मालती राय ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि नगर निगम इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहा है। महापौर ने स्पष्ट किया, “स्लॉटर हाउस नगर निगम के अधीन है और वहां किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जैसे ही शिकायत सामने आई, तत्काल जांच के आदेश दिए गए और दोषी पाए गए कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। जांच समिति गठित कर दी गई है और जो भी दोषी होगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस का दावा है कि सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

असलम का कारोबार विदेशों तक फैला होने की बात सामने आने के बाद से पुलिस असलम के बिजनेस पार्टनर्स तक पहुंचने में जुटी है। असलम और उसका ड्राइवर शोएब 25 जनवरी तक रिमांड पर हैं। फिलहाल भोपाल स्लॉटर हाउस का यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही, निगरानी तंत्र और सामाजिक संवेदनशीलता इन तीनों पर ही बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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