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मध्यप्रदेश / सीएम के पीएस वर्णवाल हट सकते हैं, नए डीजी, सीएस के नाम पर भी चर्चा

संवादाता, ज़ीशान मुजीब
भोपाल . नई सरकार के साथ ही कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच प्रशासनिक जमावट को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा अफसरों को मुख्य विभागों की जिम्मेदारी इसी माह दी जा सकती है। कांग्रेसी मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही सबसे पहले कार्यवाहक सीएम शिवराज के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल और सीएम सचिवालय व निवास के कुछ अधिकारियों (संविदा समेत) को हटाया जाएगा।
वर्णवाल पूर्व में कमलनाथ के पीएस रह चुके हैं। उनकी जगह प्रमुख सचिव आईसीपी केशरी, मलय श्रीवास्तव या संजय बंदोपाध्याय को जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बाद मंत्रिमंडल गठन से जुड़ी कवायद होगी। इसी बीच नए मुख्य सचिव का भी चयन हो जाएगा, क्योंकि वर्तमान मुख्य सचिव बीपी सिंह का बढ़ा हुआ कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा हो रहा है।
मुख्य सचिव को लेकर कांग्रेस खेमे में बातचीत शुरू हो गई है। सबसे प्रबल दावेदार के रूप में 1982 बैच के आईएएस अधिकारी एसआर मोहंती का नाम है। वे अभी माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष हैं। विकल्पों में दूसरे नंबर एम गोपाल रेड्डी का नाम है।
इसके बाद 1985 बैच के आईएएस अधिकारी इकबाल सिंह बैंस हैं, लेकिन वे भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव रहकर काम कर चुके हैं। अपर मुख्य सचिव व 1985 बैच के राधेश्याम जुलानिया के नाम की भी कांग्रेस नेताओं में अटकलें हैं। अंतिम निर्णय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ करेंगे।
कांग्रेस यह विचार भी कर रही है कि कई जिले इस समय प्रमोटी अधिकारियों के पास हैं। इनकी जगह आरआर को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य कारणों की वजह से पुलिस महानिदेशक ऋषि शुक्ला को भी बदला जा सकता है।
विभागों में होगा बदलाव : भाजपा सरकार में प्रमुख विभागों में रहे अधिकारियों को भी बदला जा सकता है। वचन-पत्र के मुताबिक कांग्रेस की प्राथमिकताओं में सबसे पहले किसान है। साथ ही इंडस्ट्री, रोजगार और हैल्थ पर भी कांग्रेस की नजर रहेगी। इसलिए कांग्रेस इन विभागों में चुनिंदा अधिकारियों की पोस्टिंग करेगी।
महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने दिया इस्तीफा : जबलपुर में प्रदेश के महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने बुधवार को विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव को इस्तीफा भेज दिया। उनकी जगह वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर और अजय गुप्ता का नाम महाधिवक्ता की दौड़ में सबसे आगे है।

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