मोदी कैबिनेट से इन 4 बड़े मंत्रियों की छुट्टी तय! किसी भी वक्त हो सकता है इस्तीफा, आ रहे हैं नए चेहरे
मोदी कैबिनेट से इन 4 बड़े मंत्रियों की छुट्टी तय! किसी भी वक्त हो सकता है इस्तीफा, आ रहे हैं नए चेहरे


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में बहुत जल्द एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सियासी गलियारों में कैबिनेट विस्तार की अटकलें अब बेहद तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि किसी भी दिन नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की खबर सामने आ सकती है।
केंद्र सरकार में नए चेहरों को शामिल करने और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाने की तैयारियां अंदर ही अंदर चल रही हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से फैसले लिए हैं, उससे इस फेरबदल के साफ संकेत मिल रहे हैं। भाजपा ने हाल ही में कई राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान किया है, जिसके तुरंत बाद राज्यसभा चुनाव के लिए भी 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई। इन दोनों सूचियों को गहराई से देखने के बाद यह बिल्कुल साफ हो गया है कि मोदी कैबिनेट से चार मंत्रियों की छुट्टी होना तय है। इनमें से दो मंत्रियों को तो संगठन में नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि बाकी दो मंत्रियों की आगे की भूमिका क्या होगी, इस पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।
राज्यसभा की लिस्ट से कटे दो बड़े नाम, बिट्टू और कुरियन की बढ़ेगी टेंशन
आपको बता दें कि भाजपा ने विभिन्न राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी की है, उसमें दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों को जगह नहीं मिली है। इस लिस्ट से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का नाम पूरी तरह गायब है। जॉर्ज कुरियन मौजूदा मोदी कैबिनेट में इकलौते ईसाई मंत्री हैं और फिलहाल मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
वहीं दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा के भगवा खेमे में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पार्टी ने राजस्थान से राज्यसभा भेजा था। इन दोनों ही दिग्गज मंत्रियों का कार्यकाल अब समाप्त होने जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने इन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का मौका नहीं दिया। इस चौंकाने वाले फैसले के बाद से ही दिल्ली के सियासी हलकों में यह चर्चा आम हो गई है कि आने वाले कैबिनेट विस्तार में इन दोनों को अपनी मंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है
एक व्यक्ति एक पद’ का फॉर्मूला, संगठन में जाते ही छिनेगी दो और मंत्रियों की कुर्सी
इस फेरबदल की गाज सिर्फ दो मंत्रियों पर ही नहीं, बल्कि दो और जूनियर मंत्रियों पर भी गिरने वाली है। दरअसल, इन दोनों मंत्रियों को भाजपा संगठन में पहले ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंप चुकी है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश जैसे अहम सूबे में पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, दूसरी तरफ हर्ष मल्होत्रा को देश की राजधानी यानी दिल्ली भाजपा की कमान सौंपी गई है।
भारतीय जनता पार्टी के भीतर ‘एक व्यक्ति एक पद’ के नियम का बेहद सख्ती से पालन किया जाता है। कोई भी नेता एक साथ सरकार और संगठन दोनों में बड़े पद पर नहीं रह सकता। इस नियम को देखते हुए यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि आगामी कैबिनेट विस्तार में पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना ही होगा। सरकार में खाली होने वाले इन पदों पर भाजपा अब कुछ नए और युवा चेहरों को मौका देकर चौंका सकती है।
क्या कहता है संसद का नियम, कब तक बची रहेगी कुर्सी?
यहां यह समझना भी जरूरी है कि संसद के नियमों के मुताबिक अगर किसी मंत्री का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो जाता है, तो भी वह अधिकतम 6 महीने की अवधि तक अपने मंत्री पद पर बना रह सकता है। लेकिन शर्त यह होती है कि इस 6 महीने के भीतर उन्हें दोबारा लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य चुनकर आना अनिवार्य होता है। चूंकि भाजपा ने इन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है, इसलिए समय सीमा समाप्त होने से पहले या कैबिनेट विस्तार के दौरान इनका हटना पूरी तरह तय माना जा रहा है।



