कांग्रेस MLA के कॉलेज पर कार्रवाई:फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भीड़ जुटाने वाले आरिफ मसूद के कॉलेज पर प्रशासन ने चलाया बुलडोजर


भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भीड़ जुटाने वाले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसा है। एक दिन पहले पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 7 के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में एफआईआर की। इसके अगले ही दिन प्रशासन ने बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में निर्मित बिल्डिंग के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया। यहां विधायक आरिफ मसूद का कॉलेज भी बना हुआ है। तीन घंटे में दो बार यहां बुलडोजर चलाकर अलग-अलग जगह स्थित सीढ़ी, बाथरूम आदि तोड़े गए है। एहतियात के तौर पर बड़ी तादात में फोर्स तैनात है। दोपहर 12 बजे तक कार्रवाई जारी है। इस बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मेरा शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट था मैंने कभी किसी के धर्म के बारे में बुरा नहीं बोला। मेरे धर्म के बारे में जब बुरा बोला गया उसका रिएक्ट करने का मुझे संवैधानिक अधिकार है। सरकार मुझ पर दबाव बना रही है।
खासतौर पर खानूगांव में सबसे पहले गुरुवार सुबह कार्रवाई के लिए निगम अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंच था। यहां पर मसूद का कॉलेज भी है। विरोध को देखते हुए 200 से अधिक पुलिस अधिकारी और निगम अमला तैनात किया था। डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ खानूगांव में कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा और विरोध को रोकने के लिए पुलिस बल निगम की मदद कर रहा है।
कंट्रोल रूम में सुबह से ही जमा हुए
पुलिस और नगर निगम का अमला सुबह करीब 6 बजे से ही पुलिस कंट्रोल रूम में जमा होना शुरू हो गया था। मीटिंग आदि होने के बाद सभी खानूगांव के लिए रवाना हो गए। इधर यहां स्थित मसूद के कॉलेज में भी इसको लेकर हलचल देखी गई। यहां पर प्रशासन के पहुंचने के पहले की काफी संख्या में कर्मचारी भी कॉलेज पहुंच गए थे। हालांकि अब भी प्रशासन इसको लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
एक दिन पहले मसूद पर एफआईआर हुई
आरोप लगे हैं कि भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद ने भीड़ को एकत्रित कर भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। इस दौरान भाषण में मसूद ने कहा कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। हम फ्रांस के साथ हिंदुस्तान की सरकार को भी चेतावनी देते हैं कि यदि सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। पहले तो पुलिस ने इस मामले में सिर्फ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में सरकार के रुख के चलते धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मासूद समेत 7 लोगों पर एफआईआर की गई।
दमन और डराने का काम कर रही भाजपा सरकार
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मेरा शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट था मैंने कभी किसी के धर्म के बारे में बुरा नहीं बोला। मेरे धर्म के बारे में जब बुरा बोला गया उसका रिएक्ट करने का मुझे संवैधानिक अधिकार है। मुझे जानकारी मिली कि खानूगांव स्थित मेरे कॉलेज के एक हिस्से को तोड़ दिया गया है जबकि न्यायालय से मुझे परमिशन मिल चुकी है। यह बीजेपी सरकार दमन और डराने का काम कर रही है। हम लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा करने वाले लोग है, घबराने की ज़रूरत नहीं है। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। बच्चों को अगर खुले मैदान में भी पढ़ाना पढ़े तो हम पढ़ाएंगे ज़रूर। सरकार ने मुझ पर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई की है।



