तो क्या अब मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते कमलनाथ? कहा ना मुख्यमंत्री बनना कभी लक्ष्य था ना है


विशेष सवांददाता ज़ीशान मुजीब भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मीडिया से चर्चा की इस दौरान उन्होंने यह बात कही की मेरा लक्ष्य है अपने मध्य प्रदेश की देश में अलग पहचान बने, इसके लिये कोशिश करता रहूँगा, मुख्यमंत्री बनना ना कभी लक्ष्य था ना है.
मध्य प्रदेश में IIFA लाना Industry लाना Employment लाना लक्ष्य था, मेरी सरकार इतनी जल्दी गिर जाएगी जानता नहीं था, सरकार बचाने मैंने सौदा नहीं किया.
इस दौरान कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की.
कमलनाथ ने नरेंद्र मोदी की तारीफ़ में कहा कि वो केंद्रीय मंत्री थे तो अपने गुजरात के विकास के लिए हमेशा चिंतित रहते थे, बार बार आकर मिलते और प्रदेश की विकास योजनाओं पर बात करते थे..
कमलनाथ का यह कहना कि मुख्यमंत्री बनना ना कभी मेरा लक्ष्य था ना है वह कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री ना बनने की टीस लग रही है. क्योंकि कमलनाथ वही नेता है, जिन्होंने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए हजारों प्रयास किए पर ज्योतिरादित्य सिंधिया जब अपने विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए तो कमलनाथ के हाथ से सब कुछ छीन लिया और सिर्फ 15 महीने 6 दिन की ही कांग्रेस सरकार रही..
वही लगातार कांग्रेस यह दावा करती रहती है कि अगले कुछ महीने में मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है. एक बार सरकार फिर बदलेगी. अब देखना यह बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वाकई मध्य प्रदेश की राजनीति में फिर से कुछ बड़ा होने वाला है.



