सीएम शिवराज के निर्देश के विपरीत जारी हुआ आदेश, स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा है अपनी मनमानी


भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए निर्देश देते हुए कहा है कि अगर अभिभावक कोरोना के बीच मासूमों को भेजना चाहता हैं तो वे तभी स्कूल आएंगे। लेकिन शिक्षा विभाग ने ‘निजी स्कूल प्रेम’ में अलग ही फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने आदेश में लिखा है कि बच्चों को सप्ताह में तीन दिन स्कूलों आना अनिवार्य है और तीन दिन ही ऑनलाइन क्लासेस हो सकेंगी।
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा था कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को लेकर हमने तय किया है कि स्कूल खुलेंगे। लेकिन बच्चों की संख्या 50% होगी। 50% बच्चे एक दिन और बाकी 50% बच्चे अगले दिन स्कूल आएंगे। ऑनलाइन क्लॉस का विकल्प रहेगा और अभिभावकों की इच्छा होगी तो ही बच्चे स्कूल जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन क्लास संचालित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश पहली से 12वीं तक के स्कूलों को लेकर जारी हुआ है।
लेकिन शिक्षा विभाग के ‘निजी स्कूल प्रेम’ ने सीएम के आदेश का उल्लंघन किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश में लिखा है कि सिर्फ तीन दिन ही ऑनलाइन क्लास चलेंगी। यानी सप्ताहभर की पढ़ाई के लिए मासूमों को तीन दिन स्कूल जाना पड़ेगा।
वहीं मध्य प्रदेश पालक संघ के अध्यक्ष कमल विश्वकर्मा ने आदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूलों दबाव में विभाग ने आदेश निकाला है। विभाग को सीएम के निर्देशों का पालन करना चाहिए। शिक्षा विभाग सीएम के आदेश को नकार कर अपनी मनमाना कर रहा है।



