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जो मुस्लिम जेल में थे उन्हें भी दंगे का आरोपी बनाकर कर दी FIR, मकान पर चलवा दिया बुलडोजर, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

जो मुस्लिम जेल में थे उन्हें भी दंगे का आरोपी बनाकर कर दी FIR, मकान पर चलवा दिया बुलडोजर, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

बड़वानी: रामनवमी शोभायात्रा के दौरान खरगोन में हुई हिंसा और उसके बाद शिवराज सरकार की बुलडोजर नीति देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए है तो वहीं कई लोगों ने सरकार की सराहना की है। लेकिन बड़वानी में इस कार्रवाई में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि शासन प्रशासन ने जेल में बंद तीन लोगों को रामनवमी के दिन हुई हिंसा मामले में आरोपी बनाया और उन पर एफ़आईआर भी दर्ज की इतना ही नहीं इनके घरों पर बुलडोजर भी चलाया गया जबकि ये हिंसा के दौरान जेल में सजा भुगत रहे थे।

ये है पूरा मामला…
दिनांक 10-04-2022 रामनवमी के दिन जोगवाड़ा रोड पर हुई पत्थरबाजी और आगजनी की घटना में एक बाइक जलने के मामले में 3 लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई गई है। फरियादी के द्वारा लिखाई गई एफआईआर के आधार पर शाहबाज फखरू तथा रउफ 3 लोगों के नाम पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। जबकि मामले दर्ज होने के बाद जानकारी सामने आई है कि यह तीनों लोग पूर्व से एक प्रकरण में सेंधवा जेल में बंद है। जबकि उन्हें खरगोन हिंसा का आरोपी बनाकर कार्रवाई की गई और घरों पर बुलडोजर चलाया गया।

कांग्रेस ने उठाए सवाल…
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट करके अपनी मांग दोहराई और बिना जांच के कार्यवाही न करने की मांग की। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि शिवराज सिंह जी मप्र में न्यायपालिका व्यवस्था खत्म करवा दीजिये मैं सिर्फ इसीलिए ही लगातार शासन एवं प्रशासन से मांग कर रहा हूं कि बिना जांच किए कार्यवाही न करें, अब मामला बड़वानी जिले के सेंधवा का है जिसे आरोपी बनाकर उसके घर पर बुलडोजर चलाया वो पहले से ही जेल में बंद है। शिवराज जी फिर मप्र में न्यायपालिका व्यवस्था को खत्म ही करवा दीजिये। पुलिस का उक्त मामले पर कहना है कि हमने फरियादी के एफ आई आर लिखाये जाने पर उक्त नाम दर्ज किये हैं, जिसमें विवेचना की जाएगी तथा जांच के उपरांत जो भी पाया जाएगा उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी फिलहाल पुलिस मामले में जांच करने की बात कर रही है।

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