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कांग्रेस कैसे जीत गई केरलम? 2019 के बाद पहली बार आई इस खुशखबरी ने बना दिया रिकॉर्ड

कांग्रेस कैसे जीत गई केरलम? 2019 के बाद पहली बार आई इस खुशखबरी ने बना दिया रिकॉर्ड

कांग्रेस गठबंधन ने केरल में 10 साल बाद बड़ी वापसी की है. 140 विधानसभा सीटों वाली केरल में कांग्रेस गठबंधन को करीब 90 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. इस जीत के साथ ही कांग्रेस ने 7 साल बाद एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है.

7 साल बाद पहली बार कांग्रेस के 4 मुख्यमंत्री होंगे. 2019 में आखिरी बार कांग्रेस के 4 मुख्यमंत्री थे. इसके बाद कांग्रेस को 3 का फेर लगता रहा है. यानी एक वक्त में एक साथ 3 से ज्यादा मुख्यमंत्री कांग्रेस का नहीं रहा है.

केरलकी जीत कांग्रेस के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां से गांधी परिवार की प्रियंका गांधी लोकसभा सांसद हैं,. इतना ही नहीं, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी केरल से ही आते हैं. कांग्रेस में संगठन महासचिव को दूसरा सबसे पावरफुल पद माना जाता है.

केरल में कांग्रेस कैसे जीत गई?

1. कांग्रेस ने UDF गठबंधन को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर 3 छोटी पार्टियों को अपने साथ जोड़ा. चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के लिए यह कदम फायदेमंद साबित हुआ. स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के वोट बंटे नहीं.

2. कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर टशन चल रहा था, जिसे चुनाव के समय शांत कर दिया गया. बड़े नेताओं ने इस पर कोई बयान नहीं दिया. टॉप-3 नेता केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथल्ला और वीडी सतीशन एक साथ प्रचार करते दिखे.

3. कांग्रेस ने बीजेपी के दबदबा को मुद्दा बनाया. केरल में सीपीएम सरकार के दौरान लगातार बीजेपी का प्रभाव बढ़ा. कांग्रेस का यह मुद्दा काम कर गया. मुसलमान और ईसाई वोटर्स इसके कारण कांग्रेस के पक्ष में एकजुट हुए. बीजेपी सिर्फ इस बार 2 सीटों पर आगे है.

4. कांग्रेस ने चुनाव में पूरी तरह से नए फेस को मौका दिया. लोकसभा के हारे हुए प्रत्याशियों को भी मैदान में उतारा. डोर टू डोर कैंपेन को तरजीह दी. बड़े नेताओं ने मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा नहीं बनने दिया.

5. कांग्रेस ने युवा और प्रबुद्ध वोटरों को साधने के लिए सचिन पायलट और थॉमस जैसे नेताओं की ड्यूटी लगाई थी. इसके अलावा इमरान प्रतापगढ़ी की भी मुस्लिम इलाकों में रैली कराई गई. इन नेताओं के निशाने पर 80 साल के विजयन और उनकी सरकार थी.

7 साल बाद कांग्रेस के लिए खुशखबरी क्यों?

2018 में कांग्रेस को एक साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जीत मिली थी. पंजाब में उसकी पहले से सरकार थी. 2014 के बाद पहली बार उस समय कांग्रेस के 4 सीएम देश में चुने गए थे. केंद्रशासित पुडुचेरी में भी कांग्रेस का ही मुख्यमंत्री था, लेकिन इसके बाद कांग्रेस 3 के फेर में फंस गई.

2020 में मध्य प्रदेश की सरकार गिर गई. इसके बाद 2022 में कांग्रेस पंजाब में हार गई. 2022 के फरवरी तक कांग्रेस के पास सिर्फ 2 राज्यों की ही सरकार थी, लेकिन दिसंबर 2022 के चुनाव में कांग्रेस को हिमाचल में भी जीत मिली.

2023 में फिर से कांग्रेस को कर्नाटक और तेलंगाना में जीत मिली, लेकिन उस साल कांग्रेस को राजस्थान और छत्तीसगढ़ में करारी हार का सामना करना पड़ गया, जिसके कारण आंकड़ा फिर से 3 का 3 ही रह गया. यानी कांग्रेस की सरकार सिर्फ हिमाचल, तेलंगाना और कर्नाटक में ही रह गई थी.

अब 2026 में हिमाचल, तेलंगाना, कर्नाटक के अलावा केरल में कांग्रेस के मुख्यमंत्री होंगे. 7 साल बाद कांग्रेस के लिए यह बड़ी खुशखबरी है.

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