अनशन तोड़ने को लेकर सोनम वांगचुक पर सवाल उठाने वालों को पत्नी गीतांजलि ने घेरा, दीपके क्या बोले
अनशन तोड़ने को लेकर सोनम वांगचुक पर सवाल उठाने वालों को पत्नी गीतांजलि ने घेरा, दीपके क्या बोले


समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपनी भूख हड़ताल के 26वें दिन अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के हाथों जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया।
ऐसे में यूपी से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद व शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत समेत कुछ नेताओं को उनका इस तरह भूख हड़ताल खत्म करना ठीक नहीं लगा और उन्होंने वांगचुक की आलोचना की थी। जिसके बाद इन आलोचनाओं से आहत वांगचुक की पत्नी ने इन सवाल उठाने वाले लोगों को घेरा है और उनसे राजनीतिक हिसाब-किताब लगाने की बजाय थोड़ी सहानुभूति दिखाने की अपील की है। उधर कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक का आभार जताया है।
अनशन तोड़ने को लेकर वांगचुक को निशाने पर लेने वाले लोगों को जोरदार जवाब देते हुए उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सोनम वांगचुक की आलोचना करने में जल्दबाजी करने से पहले, थोड़ा रुककर उस भावना को समझने की कोशिश करें जिसके तहत उन्होंने एक बड़े मकसद के लिए खुद की जिंदगी दांव पर लगाकर 26 दिनों तक उपवास किया।’
‘एक दिन की सहानुभूति तो दिखा ही सकते हैं’
आगे वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए गीतांजलि ने कहा, ‘क्योंकि उन्होंने आराम के बजाय त्याग का रास्ता चुना, इसलिए आज वे ICU में हैं और उनका वजन 11 किलो कम हो गया है (जिसमें मसल्स भी शामिल हैं)। उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीतिक हिसाब-किताब का बोझ डालने से पहले, कम से कम हम उनके प्रति एक दिन तो सहानुभूति दिखा ही सकते हैं।’
दीपके बोले- निस्वार्थ सेवा से भरी जिंदगी को…
उधर गीतांजलि की इसी पोस्ट को शेयर करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी वांगचुक की आलोचना करने वालों को जवाब दिया और लिखा, ‘निस्वार्थ सेवा से भरी जिंदगी को परखने की काबिलियत हर किसी में नहीं होती। ऐसा करने के लिए पहले नैतिक स्तर हासिल करना पड़ता है। कृपया… थोड़ा दिल से सोचें।’
इमरान मसूद ने क्या कहा था?
सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने पर यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा था कि वह अन्ना (सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे) का दूसरा रूप हैं। अन्ना 12 साल तक चुप रहे और अब सोनम वांगचुक भी चुप रहेंगे। मसूद ने आगे कहा, ‘हमें तो पहले दिन से पता था। कल आप सरकार के साथ समझौता कर रहे थे। वहां कोई छात्र भी था क्या? वहां केवल लद्दाख के लोग मौजूद थे? आपकी अपनी डील हो रही थी। आपने अपने आप डील की है। इसके अलावा सरकार के साथ और क्या है।



