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मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, अब 24 घंटे खुलेंगे मॉल, होटल और संस्थान, राज्यपाल ने दी मंजूरी

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, अब 24 घंटे खुलेंगे मॉल, होटल और संस्थान, राज्यपाल ने दी मंजूरी

24 घंटे शॉपिंग मॉल व दुकानें खुलने से आम आदमी को मिलेगी बड़ी राहत, बढ़ेंगे रोजगारी के अवसर, वर्कर्स को मिलेगा ओवरटाइम.

भोपाल : मध्यप्रदेश में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थान अब दिन ही नहीं, बल्कि पूरी रात भी खुले रह सकेंगे. मध्यप्रदेश विधानसभा के बाद अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही यह अधिनियम अब प्रदेश भर में लागू हो गया है. प्रदेश में होटल, मॉल आदि प्रतिष्ठिान 24 घंटे और सभी 7 दिन खुल सकेंगे. इससे लोग रात में भी जाकर खरीदारी कर सकेंगे. इसके साथ ही लोगों को भी रात में काम के अवसर मिलेंगे. संस्थानों को अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों को रखना होगा. हालांकि, शराब की दुकानों की समय सीमा का निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा.

कराना होगा सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन
राज्य सरकार ने नए अधिनियम में संस्थानों के लिए अपने प्रतिष्ठिान के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान कर दी है. अब संस्थान को इसकी नियमानुसार विभाग को सूचना देनी होगी. इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कर उन्हें इसका सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा. रजिस्ट्रेशन बार-बार रिन्यु नहीं कराना होगा. संस्थान बंद होने पर लिखित में इसकी सूचना देनी होगी, इसके बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा.

काम के घंटे लेबर लॉ के हिसाब से ही
भले ही मॉल, दुकान और अन्य संस्थानों को 24 घंटे खोलने का नियम बना दिया गया हो, लेकिन संचालकों को कर्मचारियों को रखने और उसने कार्य कराने के लिए श्रम विभाग के न्यूनतम कार्य के घंटों के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. किसी भी कर्मचारी से हर दिन के निर्धारित और साप्ताहिक 48 घंटों से अधिक काम कराने की अनुमति नहीं होगी. रात्रि के समय महिलाओं को भी काम की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी. अतिरिक्त काम कराने के लिए संस्थान को ओवरटाइम वेतन कर्मचारी को देना होगा.

दवाब बनाने नहीं रख सकेंगे कर्मचारी के डॉक्युमेंट
नए नियमों में कर्मचारियों के मूल डॉक्युमेंट और कोई अन्य सामान संस्थान द्वारा रखे जाने पर रोक लगा दी है. दरअसल, कई बार शिकायतें सामने आती हैं कि नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के मूल दस्तावेज या कोई दूसरा सामान रख लिया जाता है, ताकि कर्मचारी काम छोड़कर न जा सके. नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी प्रावधान किया गया है. प्रतिष्ठान को कार्यस्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण और आपात स्थिति से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी.
विशेष संवाददाता, ज़ीशान मुजीब

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