कितना भी बड़ा आदमी हो; मिलावट करने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा: सीएम कमलनाथ


भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय खाद्य एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पेश की गई दूध की रिपोर्ट को चौंकाने वाला बताया है। शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मिलावट खोरों के खिलाफ प्रदेश में लगातार कार्रवाई की जा रही है। कितना भी बड़ा आदमी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “एफ़एसएसएआई की राष्ट्रीय दूध गुणवत्ता सर्वे- 2018 की रिपोर्ट बेहद गंभीर और चिंतनीय। देश भर में दूध में मिलावट के आंकड़े चौकने वाले हैं। देश में मिलावट का ज़हर स्वस्थ समाज व मानवता को नष्ट कर रहा है। मिलावटखोर समाज और मानवता के दुश्मन हैं। इन्हें क़तई बख़्शा जाना नही चाहिए। हम इस रिपोर्ट का व्यापक अध्ययन करेंगे।”
कमलनाथ ने कहा, “प्रदेश में मिलावट को लेकर हम पहले से ही ‘शुद्ध को लेकर युद्ध’ अभियान चला ही रहे है। दोषियों पर प्रतिदिन कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सालों से फैले मिलावट के इस ज़हर को नेस्तनाबूद करने को लेकर व्यापक अभियान सरकार पहले से ही निरंतर चला रही है। इस अभियान में और तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मिलावट खोरो के ख़िलाफ़ अभियान सतत जारी रहेगा।कितना भी बड़ा शख़्स हो, मिलावट करने पर उसे बख़्शा नहीं जाएगा।”
एफ़एसएसएआई की रिपोर्ट में दूध के 47 फीसदी सैंपल फेल
भारतीय खाद्य एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय दूध गुणवत्ता सर्वे-2018 रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक 1103 शहरों से लिए गए प्रोसेस्ड और खुले दूध के 6432 नमूनों में पैकेट दूध के 37.7% और खुले दूध के 47% नमूने जांच में फेल हो गए यानी कुल 41 फीसदी। मप्र के 335 नमूने लिए गए थे। इनमें 23 (6.86%) मिलावटी पाए गए। खाद्य अफसरों ने पिछले साल डेयरी फार्म से 51, दूध मंडी से 78 , मिल्क वेंडर से 120, प्रोसेसिंग यूनिट से 18 और रिटेल शॉप से 68 नमूने लिए थे। इनमें सांची, सौरभ और अमूल दूध के सैंपल भी थे।



