भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध प्रदर्शन पर CM ने अपनाया सख्त रवैया, बोले- शांति भंग करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे


भोपाल: पूरे भारत के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया है। जिसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है। यहां की शांति भंग करने वाले से सख्ती से निपटेगे।
दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों के खिलाफ राजधानी भोपाल में विशेष समुदाय के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त लहजे में कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वाले से हम सख्ती से निपटेगे। वहीं उन्होंने बताया कि इस मामले में विरोध करने वाले पर 188 IPC के तहत मामला दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही कार्रवाई की जा रही है। सीएम शिवराज ने कहा कि दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा।
मध्यप्रदेश शांति का टापू है। इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे। इस मामले में 188 IPC के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा, वो चाहे कोई भी हो। https://t.co/fPYs6zDfl7
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 30, 2020
बता दें कि पिछले दिनों फ्रांस में हुए आतंकी हमले के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमेनुअल मैक्रों के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। जिसके बाद भारत ने भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वही बीते दिनों राजधानी भोपाल में भी बड़ी संख्या में विशेष समुदाय के लोग एक जगह एकत्रित हो फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की पोस्टर हाथ में लिए सड़कों पर नारेबाजी कर रहे थे। वही उनकी तस्वीरों को रौंदा जा रहा था। जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उन पर कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि इससे पहले देश भर में ऐसा विरोध देखने को मिला है। महाराष्ट्र के मुंबई में भी पिछले दिनों फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ ऐसा विरोध देखने को मिला था। वहीं भोपाल में ऐसे विरोध पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अपनी बातों को स्पष्ट कर दिया है।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के गिरजाघर में हुए आतंकी हमले कि कई शब्दों में निंदा की है और गुरुवार को उन्होंने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ खड़ा है। वही इससे पहले भारत ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति पर हो रहे व्यक्तिगत हमलों की भी कड़ी निंदा करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय विमर्श के बुनियादी मानकों का उल्लंघन बताया था।
गौरतलब हो कि फ्रांस के गिरजाघर में बीते दिनों आतंकवादी घटना को अंजाम दिया गया था। जहां चाकू से किए गए हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं इससे पहले फ्रांस में एक शिक्षक की निर्मम हत्या भी कर दी गई थी। जिसने पूरे विश्व को स्तब्ध कर दिया था। इसके बाद से यह विवाद और तेजी से जोर पकड़ रहा है।



